
अप्रूवल कमेटी की बैठक में 2245 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर बनी सहमति
हजारों करोड़ रुपए का निर्यात इन उद्योगों के माध्यम से होगा
इंदौर। पीथमपुर (Pithampur) स्थित इंदौर (Indore) स्पेशल इकॉनोमी झोन (Special Economic Zone) में अभी चार और बड़े उद्योगों (Four new industries) को अनुमति दी गई है। सेज की यूनिट एप्रूव्हल कमेटी की बैठक अभिषेक शर्मा की अध्यक्षता में अभी सम्पन्न हुई, जिसमें एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक हिमांशु प्रजापति, आयकर और सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों के साथ इन कम्पनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इन चारों इकाइयों के माध्यम से 2245 करोड़ रुपए का निवेश होगा और उसके बाद फिर हजारों करोड़ रुपए का निर्यात होने लगेगा। जिन उद्योगों को अभी अनुमति दी गई है उसमें फार्मास्यूटिकल, फूड प्रोसेसिंग यूनिट शामिल है।
बैठक में कुल 2,245.50 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। इन परियोजनाओं से लगभग 1,910 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे तथा उत्पादन प्रारंभ से पाँच वर्षों में लगभग 20,433 करोड़ रुपये का निर्यात होना प्रस्तावित है। विशेष रूप से फार्मास्यूटिकल एवं फूड प्रोसेसिंग क्षेत्रों में होने वाले ये निवेश एसईजेड को देश के अग्रणी निर्यात-उन्मुख औद्योगिक केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त बनाएंगे। इस एसईजेड में पूर्व से ही फार्मास्यूटिकल, फूड प्रोसेसिंग, टेक्निकल टेक्सटाईल, इंजीनियरिंग एवं मेटल एवं अलॉय उत्पादों का निर्यात किया जा रहा है। यूमेडिका लेबोरेट्रीज को फार्मास्यूटिकल विनिर्माण इकाई स्थापित करने हेतु 21.90 एकड़ भूमि पर 482 करोड़ रुपये के निवेश की स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से 400 लोगों को रोजगार मिलेगा तथा अगले पाँच वर्षों में लगभग 1,180 करोड़ रुपये का निर्यात होने का अनुमान है। अजंता फार्मा (नई इकाई) को फार्मास्यूटिकल विनिर्माण परियोजना हेतु 25 एकड़ भूमि पर 674 करोड़ रुपये के निवेश की स्वीकृति प्रदान की गई। इस इकाई से 535 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे तथा आगामी पाँच वर्षों में लगभग 11,906 करोड़ रुपये का निर्यात संभावित है। फेलिक्स जेनेरिक्स को पशु औषधि विनिर्माण इकाई स्थापित करने हेतु 4.50 एकड़ भूमि पर 104 करोड़ रुपये के निवेश की मंजूरी दी गई। इस परियोजना से 200 लोगों को रोजगार मिलेगा तथा पाँच वर्षों में लगभग 397 करोड़ रुपये का निर्यात होने की संभावना है। अजंता फार्मा की मौजूदा इकाई के विस्तार हेतु 961.50 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। विस्तार परियोजना से 625 नए रोजगार सृजित होंगे तथा अगले पाँच वर्षों में लगभग 6,950 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निर्यात होने का अनुमान है। साथ ही शंकर न्यूट्रिकॉन की फूड प्रोसेसिंग इकाई के विस्तार हेतु 24 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इस विस्तार से 150 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। श्री प्रजापति द्वारा बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन के विजन, निवेशक अनुकूल नीतियों तथा त्वरित निर्णय प्रक्रिया के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित हो रहा है। इंदौर एसईजेड में स्वीकृत ये नई एवं विस्तार परियोजनाएँ न केवल प्रदेश की निर्यात क्षमता को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँगी, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार, उन्नत विनिर्माण तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को भी मजबूती प्रदान करेंगी। इन निवेशों से इंदौर एसईजेड की पहचान देश के प्रमुख फार्मास्यूटिकल एवं निर्यात-उन्मुख विनिर्माण हब के रूप में और अधिक सुदृढ़ होगी तथा प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
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