
निगम ने जल जमाव के लिए दूसरों पर दोषारोपण शुरू किया
इन्दौर। बारिश (Rain) के मौसम में शहर (Indore) में होने वाले जल जमाव के लिए दोषारोपण का खेल शुरू हो गया है। नगर निगम (Municipal council) द्वारा कहा गया है कि शहर में 21 स्थानों पर जल जमाव दूसरे विभाग की लापरवाही के कारण हुआ है। बुधवार की शाम से लेकर रात तक इंदौर में करीब 2.5 इंच बारिश दर्ज की गई थी। इस बारिश के कारण शहर में अधिकांश क्षेत्रों में सडक़ें पानी में डूब गईं और यातायात का जाम लग गया। इस स्थिति को लेकर कल कलेक्टर द्वारा आयोजित की गई समीक्षा बैठक में नगर निगम की ओर से एक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें कहा गया कि शहर में 21 स्थानों पर जल जमाव दूसरे विभाग की लापरवाही के कारण हुआ है।
इन लोगों की लापरवाही से जल जमाव
– निगम की रिपोर्ट में कहा गया कि लक्ष्मीबाई प्रतिमा से 15वीं बटालियन होते हुए वृंदावन कॉलोनी तक जल जमाव अवंतिका गैस द्वारा फुटपाथ की रिपेयरिंग नहीं किए जाने के कारण हुआ है।
– सत्यसांई चौराहा से देवास नाका तक का मार्ग और देवास नाका चौराहे पर जल जमाव एमपीआरडीसी द्वारा ब्रिज के निर्माण के दौरान स्टार्म वाटर की लाइन हटाए जाने के कारण हुआ है।
– सत्यसांई चौराहा, महिंद्रा शोरूम के सामने देवास नाका, बाणगंगा पुल से लेकर अरबिंदो के आगे तक के क्षेत्र में भी एमपीआरडीसी द्वारा निर्माण से जल जमाव हुआ।
– इंदौर बायपास पर बेस्ट प्राइज के सामने नेशनल हाईवे द्वारा काम नहीं किए जाने के कारण जल जमाव हुआ।
– भंडारी रिसोर्ट एवं सांझी छत, माही बिल्डिंग के आसपास के क्षेत्र में, देवगुराडिय़ा चौराहा से तेजाजी नगर चौराहा तक के क्षेत्र में नेशनल हाईवे द्वारा ही काम किया जाना है, जिसके कारण बारिश का पानी जमा हो गया।
– एमआर-11 पर इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा सडक़ निर्माण से जल जमाव हो रहा है, वहीं अब्दुल कलाम रोड पर सीमेंट की सडक़ लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई जा रही है। प्राधिकरण द्वारा ही इसमें लवकुश चौराहा से चंद्रगुप्त मौर्य चौराहा, एयरपोर्ट के सामने मेट्रो डिपो के सामने, टीसीएस चौराहा के सामने, खजराना चौराहा पर मेट्रो रेल कंपनी की लापरवाही से जल जमाव के हालात बने हैं।
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