नई दिल्ली। इंदौर-महू डेमू ट्रेन (Indore-Mhow DEMU train) से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि ट्रेन के लोको पायलट (Loco Pilot) ने रास्ते में ट्रेन रोककर एक दुकान से समोसे खरीदे, जबकि यात्री ट्रेन में इंतजार करते रहे। हालांकि, इस दावे की अब तक रेलवे की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और वीडियो की सत्यता भी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सकी है।
वायरल वीडियो में रेलवे की वर्दी पहने एक व्यक्ति सड़क किनारे स्थित दुकान से खाद्य सामग्री लेकर बाहर निकलता दिखाई देता है। वीडियो रिकॉर्ड कर रहा व्यक्ति दावा करता है कि यह ट्रेन का लोको पायलट है, जिसने समोसे खरीदने के लिए ट्रेन रोक दी। इसके बाद कैमरा घुमाने पर पास में रेलवे ट्रैक पर एक डेमू ट्रेन खड़ी दिखाई देती है।
वीडियो में संबंधित कर्मचारी आराम से ट्रेन की ओर लौटता है और इंजन की तरफ चढ़ जाता है। इस दौरान आसपास मौजूद कुछ लोग उसे देखते नजर आते हैं। वीडियो में इंजन की केबिन से एक अन्य रेलवे कर्मचारी भी मोबाइल से रिकॉर्डिंग करता हुआ दिखाई देता है।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर रेलवे की कार्यप्रणाली को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स ने दावा किया कि यात्रियों की सुविधा से समझौता कर निजी कारणों से ट्रेन रोकना नियमों के खिलाफ है, जबकि कुछ लोगों ने वीडियो की पूरी सच्चाई सामने आने का इंतजार करने की बात कही।
एक यूजर ने वीडियो साझा करते हुए लिखा कि इंदौर-महू डेमू ट्रेन के लोको पायलट ने समोसे लेने के लिए ट्रेन रोक दी और यात्री इंतजार करते रहे। हालांकि, यह दावा फिलहाल केवल सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर किया जा रहा है।
अब तक भारतीय रेलवे या संबंधित मंडल की ओर से इस वायरल वीडियो पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि ट्रेन निर्धारित कारणों से रुकी थी या वास्तव में कर्मचारी निजी कार्य के लिए नीचे उतरा था। ऐसे में वीडियो में किए जा रहे दावों की पुष्टि होना अभी बाकी है।
रेलवे की प्रतिक्रिया और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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