
इन्दौर। शहर (Indore) में हत्या के मामले बढ़ रहे हैं। शहर में इस साल अब तक सवा 6 माह में 40 हत्याएं हो चुकी हैं। एक हत्या का मामला पुलिस (Police) सुलझाती नहीं है कि दूसरी हत्या हो जाती है। हालांकि ज्यादातर मामले ऐसे हैं, जिनमें रिश्तों का खून हुआ है।
शहर में 2023 में पूरे साल में 51 हत्याएं हुई थीं। 2024 में यह आंकड़ा कुछ बढक़र 61 हो गया था। पिछले साल 2025 में पूरे साल में 65 हत्याएं हुई थीं, लेकिन इस साल के प्रथम सवा 6 माह में शहर में अब तक 40 हत्याएं हो चुकी हैं, जो बताता है कि पुलिस लाख प्रयास के बाद भी हत्या की वारदातों पर अंकुश नहीं लगा पा रही है।
चार मामले दोस्त की हत्या के
शहर में इस साल हुई हत्याओं में चार मामले मल्हारगंज, रावजी बाजार और एरोड्रम में ऐसे सामने आए, जिनमें दोस्त ने ही दोस्त की हत्या कर दी। हालांकि सभी मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके बीच मामूली विवाद को लेकर हत्या हुई। परदेशीपुरा और हीरानगर में दो ऑनर किलिंग के मामले सामने आए। परदेशीपुरा में प्रेम प्रसंग को लेकर भाई ने बहन की हत्या कर दी। वहीं कुछ दिन पहले हीरानगर थाना क्षेत्र में प्रेमी से बात करने को लेकर भाई और मां ने युवती की हत्या कर दी।
पत्नी और प्रेमिका की हत्या के छह मामले
शहर में इस साल एरोड्रम, संयोगितागंज, परदेशीपुरा और गांधीनगर में छह मामले ऐसे सामने आए, जिनमें प्रेमी या फिर पत्नी की हत्या की गई। दो दिन पहले संयोगितागंज में एक मामला सामने आया, जिसमें पोस्ट आफिस में काम करने वाली महिला की उसके पति ने हत्या कर दी और फरार हो गया। द्वारकापुरी में भाई की हत्या और लसूडिय़ा में बाप की हत्या के मामले भी सामने आए थे।
दो बाहरी गुुंडों की शहर में गोली मारकर हत्या
लसूडिय़ा थाना क्षेत्र में भिंड के ठेकेदार और गुुंडे अवि तोमर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा राऊ के कैट रोड पर उज्जैन के गुंडे नवीन पाटीदार की गोली मारकर हत्या की गई थी। यह हत्या सुपारी देकर करवाई गई थी, जबकि अवि की हत्या हत्या का बदला लेने के लिए की गई थी।
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