
ग्वालियर। छतरपुर (Chhatarpur) के बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) से जुड़े गोलीकांड का मामला अब ग्वालियर पहुंच गया है। घटना में घायल मोतीलाल कुशवाहा का ग्वालियर के सरकारी ट्रामा सेंटर में ऑपरेशन होना है जहां डॉक्टर उनके सीने में फंसी गोली निकालने के लिए ऑपरेशन की तैयारी में जुट गए हैं। मोतीलाल ने कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
उनका कहना है कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम अपने साथियों के साथ जमीन पर कब्जा करने पहुंचे थे। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और गोली चला दी गई। वहीं इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी लगातार बहस छिड़ी हुई है। एक पक्ष आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष मामले की निष्पक्ष जांच की बात कह रहा है।
ग्वालियर के ज्यारोग्य अस्पताल में भर्ती मोतीलाल कुशवाहा का ऑपरेशन हो रहा है। उनके सीने में फंसी गोली निकालने की तैयारी की जा रही है। मोतीलाल का दावा है कि घटना वाले दिन शालिग्राम शास्त्री और उनके साथी कथित तौर पर जमीन पर कब्जा करने पहुंचे थे। विरोध करने पर पहले मारपीट की गई,फिर फायरिंग हुई। उनका कहना है कि एक गोली उनके सीने में लगी, जबकि दूसरी गोली कान को छूते हुए निकल गई। आरोप है कि उनके सिर पर डंडे से भी हमला किया गया।
मोतीलाल ने यह भी आरोप लगाया कि शालिग्राम क्षेत्र में दबंगई करते हैं और लोगों की जमीनों पर कब्जा करने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सार्वजनिक रूप से यह कह रहे हैं कि उनका शालिग्राम से कोई संबंध नहीं है, तो फिर शालिग्राम इतनी लग्जरी जिंदगी कैसे जी रहा है? मोतीलाल का कहना है कि जान का खतरा होने के कारण उन्होंने छतरपुर की बजाय ग्वालियर में इलाज कराना सही समझा।
घटना के बाद यह मामला प्रदेश की राजनीति और सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग निष्पक्ष जांच और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर बागेश्वर धाम से जुड़े समर्थक भी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इस बीच पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। फिलहाल घायल का ग्वालियर में उपचार जारी है।
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