
सागर। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सागर के थाना विनायका क्षेत्र के ग्राम पिथौली में पैसों के मामूली विवाद में एक कलयुगी बेटे ने अपने ही वृद्ध पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद शातिर आरोपी ने पिता के शव को गांव के पास ही एक टपरिया (झोपड़ी) में घास के नीचे छिपा दिया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
घर से ले गया था बेटा, फिर टपरिया में मिली लाश
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पिथौली निवासी 70 वर्षीय जगरानी रावत ने विनायका थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 13 जुलाई को उनके पति खज्जू रावत अचानक लापता हो गए थे। उन्हें उनका बेटा फूल सिंह उर्फ फुल्लू रावत (35 वर्ष) अपने साथ लेकर गया था, जिसके बाद वे घर नहीं लौटे।
परिजनों द्वारा तलाश करने पर खज्जू रावत का शव गांव के पास बनी एक टपरिया में सूखी घास के नीचे दबा मिला। वृद्ध के सिर और शरीर पर किसी भारी व वजनदार वस्तु से प्रहार किए जाने के निशान थे, जिससे साफ था कि उनकी हत्या की गई है। थाना प्रभारी भूपेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि आरोपी द्वारा इस परिवार को मिलने वाला मुफ्त राशन बाजार में विक्रय कर दिया था जिसका हिसाब पिता द्वारा पूछा गया इसी को लेकर आपस में बहस हुई और क्रोधित होकर उसने हत्या कर दी।
आरोपी को पुलिस ने जंगल से घेरा
घटना की गंभीरता को देखते हुए सागर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विनायका थाना प्रभारी उपनिरीक्षक भूपेंद्र विश्वकर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने मुखबिरों को सक्रिय किया और तकनीकी व वैज्ञानिक साक्ष्यों की मदद से संदिग्धों की तलाश शुरू की। घेराबंदी करते हुए पुलिस टीम ने आरोपी पुत्र फूल सिंह उर्फ फुल्लू रावत को क्षेत्र के एक जंगल से हिरासत में ले लिया। पुलिस द्वारा की गई सख्त पूछताछ में आरोपी टूट गया और उसने पैसों के विवाद में अपने पिता की हत्या करने की बात कबूल कर ली।
मामले में पुलिस का क्या है कहना?
थाना विनायका पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 80/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) और 238(ए) (साक्ष्य छुपाना) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को बंडा न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से न्यायालय के आदेश पर उसे केंद्रीय जेल सागर भेज दिया गया है।
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