
इन्दौर। शिक्षा विभाग में हाल ही में सामने आए करोड़ो के गबन मामले में अजूबा तथ्य सामने आया है जिसमें मात्र सात साल की उम्र वाले नाबालिग के नाम वाले बैंक खाते का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि इस केस के एक आरोपी ने गबन की राशि को अंतरित करने के लिए अपने मात्र सात साल (तत्कालीन उम्र) के नाबलिग बेटे के बैंक खाते का दुरुपयोग किया। इस नाबालिग के बैंक खाते में कुल 33 मर्तबा करीब 8 लाख 93 हजार 938 रुपए की राशि अंतरित हुई।
पहला ट्रांजक्शन 2 अगस्त 2018 को हुआ तब नाबालिग की आयु मात्र 7 वर्ष, 7 माह 14 दिन की थी। अंतिम ट्रांजेक्शन एक जुलाई 2024 को हुआ तब इसकी उम्र 13 साल, 4 महीने 13 दिन थी। शिक्षा विभाग में हुई करोड़ों की गड़बड़ी की जांच कलेक्टर द्वारा कराई गई थी जिसमें विभाग के कई कर्मियों को सलंग्न पाए जाने के बाद एमजी रोड पुलिस ने एक दर्जन से अधिक आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज किया था। इसी में उक्त नाबालिग की भी उसके पिता के साथ आरोपी बनाया गया है। नाबालिग की ओर से अग्रिम जमानत का आवेदन जिला कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस डायरी के अवलोकन के बाद उक्त नाबालिग की इस अपराध में प्रथम दृष्टया सीधे कोई प्रत्यक्ष भूमिका प्रकट ना होने पर एवं उसकी आयु 15 वर्ष की होने को दृष्टिगत रखते हुए अपर सत्र न्यायाधीश रूपम वेदी की कोर्ट ने उसका आवेदन मंजूर कर अग्रिम जमानत दे दी।
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