नई दिल्ली। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले (Ram Mandir offering theft case) में पुलिस रिमांड के दौरान मुख्य आरोपी रामशंकर यादव (Ramshankar Yadav) उर्फ टिन्नू यादव (Tinnu Yadav) से हुई लंबी पूछताछ में कई नए दावे सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार करीब 39 घंटे की कस्टडी रिमांड में टिन्नू ने मंदिर की कार्यप्रणाली और कथित चोरी के नेटवर्क को लेकर कई जानकारियां दी हैं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूछताछ में किए गए सभी दावों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन किया जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान टिन्नू ने दावा किया कि दानपात्रों से धन निकालने का कथित खेल काफी समय से चल रहा था। उसने यह भी कहा कि चोरी की रकम का बंटवारा तय व्यवस्था के तहत किया जाता था और वह अपने प्रभाव का हवाला देकर सबसे बड़ा हिस्सा लेता था। पुलिस फिलहाल इन दावों की पुष्टि में जुटी है।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि टिन्नू को संदेह था कि कथित रूप से चोरी में शामिल कुछ लोग उससे वास्तविक रकम छिपा रहे हैं। इसके बाद उसने अपने भतीजे मनीष यादव को गणना कर्मचारी के रूप में नियुक्त कराने की व्यवस्था की। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोप है कि इसके बाद मनीष कथित रूप से रकम के हिसाब-किताब और हिस्सेदारी पर नजर रखने लगा। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की भी जांच कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में यह दावा भी किया गया कि कथित गिरोह में अलग-अलग लोगों की जिम्मेदारियां तय थीं। कुछ लोग दानपात्रों से रकम निकालते थे, कुछ निगरानी करते थे और कुछ हिसाब-किताब संभालते थे। साथ ही कुछ अन्य लोगों और बैंककर्मियों के नाम भी सामने आने का दावा किया गया है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी नई संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि रिमांड की शुरुआत में टिन्नू ने खुद को निर्दोष बताते हुए आरोप अन्य लोगों पर डालने की कोशिश की। बाद में अन्य आरोपियों के बयान, मोबाइल चैट और कॉल डिटेल के आधार पर हुई पूछताछ के दौरान उसके बयानों में कई विरोधाभास सामने आए। इसके बाद उसने अपनी भूमिका और मामले से जुड़े कुछ अन्य पहलुओं पर जानकारी दी, जिनकी अब जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान टिन्नू ने पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा, गोपाल राव तथा कुछ अन्य लोगों के संबंध में भी कई दावे किए हैं। पुलिस ने इन दावों की न तो पुष्टि की है और न ही इन व्यक्तियों के खिलाफ कोई नई कार्रवाई घोषित की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में कोई तथ्य प्रमाणित होता है तो उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने रिमांड के दौरान टिन्नू यादव की निशानदेही पर एक कार और एक बाइक बरामद की है। जांच एजेंसियों का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने इन वाहनों को कथित चोरी की रकम से खरीदने की बात स्वीकार की। इसके अलावा पुलिस अब उसकी कॉल डिटेल, वित्तीय लेनदेन और संभावित संपत्तियों की भी जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में कई अन्य लोगों से पूछताछ और कुछ स्थानों पर छापेमारी की संभावना भी जताई जा रही है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच जारी रखे हुए है और पूछताछ में सामने आए प्रत्येक दावे का दस्तावेजी तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर सत्यापन किया जा रहा है।
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