
सतना। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना जिले (Satna district) के करसरा गांव से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में करीब 400 छात्र-छात्राएं जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्कूल में भवनों की भारी कमी के कारण बच्चे जर्जर हो चुकी बिल्डिंग में बैठने को विवश हैं, जहां कक्षाओं के छज्जे गिरने से हमेशा हादसे का डर बना रहता है। हद तो तब हो गई जब स्कूल में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) बनाने के लिए भी कोई कमरा नहीं बचा है।
हालात इतने बदतर हैं कि जिस जगह पर बच्चे बैठकर भोजन करते हैं, वहीं अब उनकी क्लास लगानी पड़ रही है। इस बदहाली को लेकर स्कूल प्रशासन लंबे समय से गुहार लगा रहा था, यहां तक कि बड़े अधिकारियों से नए भवन निर्माण की मांग करते-करते स्कूल के प्राचार्य भी रिटायर हो गए, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। अब इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है।
जनपद सदस्य प्रतिनिधि उपेंद्र शुक्ला ने शासन-प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही छात्रों के लिए नए भवन की मांग पूरी नहीं की गई, तो वे भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इन मासूमों की सुरक्षा को लेकर कब जागता है, वहीं जब इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी सलोनी शर्मा से बात की गई तो उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि आपके माध्यम से मामला संज्ञान में आया है जांच करवा कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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