
नई दिल्ली। देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi) के साथ ही चातुर्मास (Chaturmas) की शुरुआत होती है, जिसे हिंदू धर्म (Hindu Religion) में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस वर्ष देवशयनी एकादशी 25 जुलाई 2026 को पड़ रही है, इसलिए इसी दिन से चातुर्मास का आरंभ माना जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते, जबकि पूजा-पाठ, जप, तप और साधना के लिए यह सबसे श्रेष्ठ समय माना जाता है।
कब से कब तक रहेगा चातुर्मास?
मान्यता है कि देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं और देवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं। इसी कारण इस दौरान मांगलिक कार्यों पर विराम रहता है। वर्ष 2026 में चातुर्मास 25 जुलाई से 20 नवंबर तक रहेगा। इस अवधि में सावन, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक—ये चार पवित्र महीने शामिल होंगे।
सावन: भगवान शिव की आराधना का महीना
चातुर्मास का पहला महीना सावन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस दौरान जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, बेलपत्र अर्पण और शिव सहस्रनाम का पाठ विशेष फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि शिव उपासना से वैवाहिक जीवन, स्वास्थ्य, ग्रह दोष और मनोकामनाओं से जुड़े शुभ फल प्राप्त होते हैं। इस वर्ष सावन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा।
भाद्रपद: श्रीकृष्ण भक्ति का विशेष समय
भाद्रपद माह भगवान श्रीकृष्ण की आराधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी महीने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और गणेश उत्सव जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाते हैं। मान्यता है कि श्रीमद्भागवत का पाठ, श्रीकृष्ण भक्ति और पूजा से सुख, शांति, प्रेम और संतान सुख की प्राप्ति होती है। इस वर्ष भाद्रपद 29 अगस्त से 26 सितंबर तक रहेगा।
आश्विन: देवी आराधना और पितृ तर्पण का माह
चातुर्मास का तीसरा महीना आश्विन शक्ति उपासना और पितृ तर्पण के लिए विशेष माना जाता है। इसी अवधि में पितृ पक्ष और शारदीय नवरात्रि आते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार दुर्गा सप्तशती का पाठ, देवी आराधना और पितरों का स्मरण जीवन में सुख, सौभाग्य और मानसिक शक्ति प्रदान करता है। इस वर्ष आश्विन 27 सितंबर से 26 अक्टूबर तक रहेगा।
कार्तिक: देवउठनी के साथ फिर शुरू होंगे शुभ कार्य
चातुर्मास का अंतिम महीना कार्तिक होता है। इसी महीने दीपावली, तुलसी विवाह और देवउठनी एकादशी जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाते हैं। मान्यता है कि देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और इसके बाद विवाह, गृह प्रवेश सहित सभी मांगलिक कार्य दोबारा शुरू हो जाते हैं। इस महीने मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। वर्ष 2026 में कार्तिक 27 अक्टूबर से 24 नवंबर तक रहेगा।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved