
पांच बिल्डिंग में रहने वाले 140 परिवार गंदे पानी के शिकार
इंदौर। स्नेहलतागंज (Snehlataganj) क्षेत्र अब दूसरा भागीरथपुरा (second Bhagirathpura) बनने की राह पर चल पड़ा है। यहां पांच बिल्डिंग (Five buildings) में रहने वाले 140 परिवार गंदे पानी (Dirty water) का शिकार हो रहे हैं। नगर निगम को शिकायत करने के बाद भी इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो पा रहा है।
इस वर्ष की शुरुआत भागीरथपुरा के दूषित जल हादसे के साथ हुई थी। इस घटनाक्रम में 36 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों बीमार होकर अस्पताल में पहुंचे थे। कल ही सामने आई रिपोर्ट में बताया गया था कि भागीरथपुरा के लोगों को पीने के लिए जो पानी दिया जा रहा था उसमें मलमूत्र का बैक्टीरिया था। अब ऐसी ही स्थिति स्नेहलतागंज में भी बनती हुई नजर आ रही है। इस क्षेत्र में स्थित विशाल पैराडाइज में रहने वाले दिलीप कलवानी ने बताया कि क्षेत्र में ड्रेनेज लाइन के चेंबर चोक पड़े हुए हैं। कुछ चेंबर फूट गए हैं। इसके परिणामस्वरूप ड्रेनेज लाइन का पानी निकलकर जमीन के अंदर जा रहा है। इस पानी ने क्षेत्र के सभी बोरिंग के पानी को दूषित कर दिया है। अब इस क्षेत्र में लोग बोरिंग के पानी में गंदा पानी आने और दुर्गंध आने की शिकायत कर रहे हैं। बड़ी संख्या में क्षेत्र में रहने वाले लोग बीमार पड़ रहे हैं। यह लोग अस्पताल जा रहे हैं, डॉक्टर को दिखा रहे हैं और घर पर सलाइन चढ़वा रहे हैं। कल शाम को ही इस बिल्डिंग में छह लोगों को सलाइन चढ़ी हुई थी। क्षेत्र में स्थित शालिनी अपार्टमेंट्स, श्रीकुंज अपार्टमेंट, सारंग अपार्टमेंट सहित पांच बिल्डिंग के 140 फ्लैट में रहने वाले परिवार इस स्थिति से परेशान हैं। इनमें से हर परिवार में कम से कम तीन लोग बीमार हैं। इस बारे में शिकायत किए जाने पर आज सुबह नगर निगम की टीम स्नेहलतागंज गली नंबर 3 में पहुंची थी। टीम ने स्थिति को देखा। टीम के अधिकारियों ने क्षेत्र के रहवासियों से कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए हमें इसी क्षेत्र में स्थित सेंट्रल जेल के परिसर में काम करना पड़ेगा। वहां जाकर काम करने के लिए अनुमति लेना पड़ेगी। ऐसे में इस सुधार कार्य को पूरा करने में काफी समय लगेगा। यह कहते हुए नगर निगम की टीम द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से क्षेत्र के लोगों को कह दिया गया है कि अब आप बोरिंग के पानी से अपना जीवनयापन बंद कर दीजिए और पानी की कुछ अन्य व्यवस्था पर ध्यान दीजिए। इस बारे में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि उन्हें भी गौरव अध्यारू की ओर से इस बारे में शिकायत मिली थी। उनके द्वारा नगर निगम की टीम को मौके पर जाकर समस्या का समाधान करने के लिए कहा गया था। अब आगे क्या हुआ है इसका अपडेट मेरे पास नहीं आया है।
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