
नई दिल्ली। दिल्ली में जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर हो रहे प्रदर्शन के दौरान मोबाइल इंटरनेट ठप होने पर प्रदर्शनकारियों ने आपस में जुड़े रहने के लिए बिना इंटरनेट वाले ब्लूटूथ मैसेजिंग ऐप्स Bitchat का इस्तेमाल किया। इस स्थिति से निपटने के लिए भारत सरकार ने GitHub को Bitchat ऐप के रिपॉजिटरीज यानी सोर्स कोड और सभी संबंधित फाइलें अपनी वेबसाइट से तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि Bitchat एक ब्लूटूथ मैसेजिंग ऐप है, जिसे एक्स (पहले ट्विटर) के को-फाउंडर जैक डॉर्सी ने बनाया है। यह कदम दिल्ली में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच उठाया गया है। दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मोबाइल इंटरनेट सर्विस बंद होने के बाद प्रदर्शनकारी एक दूसरे से जुड़े रहने के लिए ब्लूटूथ बेस्ड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे थे। जैक डॉर्सी ने खुद ट्वीट करके इस नोटिस की जानकारी दी है।
सरकार की तरफ से आया नोटिस
डॉर्सी ने X पर एक पोस्ट में कुछ स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं। ये स्क्रीनशॉट 23 जुलाई के एक नोटिस के लग रहे हैं, जिसे गृह मंत्रालय के तहत आने वाले ‘इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर’ (I4C) ने जारी किया था। इस नोटिस में GitHub को Bitchat को होस्ट करने वाली तीन रिपॉजिटरीज को हटाने या उनका एक्सेस बंद करने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि इस ऐप का इस्तेमाल इंटरनेट शटडाउन से बचने, कानूनी निगरानी से बचने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति में गैर-कानूनी सभाओं को आयोजित करने में मदद के लिए किया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक, रिपॉजिटरी इंटरनेट पर मौजूद एक डिजिटल लॉकर या फोल्डर की तरह होती है, जहां किसी सॉफ्टवेयर या ऐप का पूरा कोड, फाइलें, इमेज और डॉक्यूमेंट्स संभाल कर रखे जाते हैं।
Bitchat जैसी टेक्नोलॉजी पसंद नहीं- जैक
जैक ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए अपने ट्वीट में लिखा है कि भारत सरकार को Bitchat जैसी टेक्नोलॉजी पसंद नहीं है और वह चाहती है कि इसे हटा दिया जाए। नोटिस के अनुसार, सरकार ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 की धारा 79(3)(b) और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी रूल्स, 2021 के नियम 3(1)(d) का इस्तेमाल करते हुए GitHub को निर्देश दिया है कि वह तीन घंटे के भीतर तीन Bitchat रिपॉजिटरी का एक्सेस बंद कर दे। इनमें मुख्य प्रोजेक्ट रिपॉजिटरी और उसका वर्जन है।
बिना इंटरनेट हो सकती है बातचीत
इस आदेश में Bitchat को एक ऐसा कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म बताया गया है, जो मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट कनेक्टिविटी या सेंट्रलाइज़्ड सर्वर पर निर्भर हुए बिना ब्लूटूथ मेश नेटवर्क पर डिसेंट्रलाइज्ड पीयर-टू-पीयर मैसेजिंग की सुविधा देता है। डॉर्सी का यह नोटिस दिल्ली में चल रहे CJP प्रदर्शनों के बीच आया है। खबरों के मुताबिक, दिल्ली के कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सर्विस बंद होने के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने एक दूसरे से जुड़े रहने के लिए ब्लूटूथ बेस्ड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल किया था।
खबरों के अनुसार, दिल्ली पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या मोबाइल इंटरनेट सर्विस बंद होने के बाद CJP प्रदर्शनों के दौरान ब्लूटूथ-बेस्ड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि खास तौर पर ‘Bitchat’ का इस्तेमाल किया गया था।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved