
श्रीनगर. गुलाम कश्मीर (Occupied Kashmir) में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच नियंत्रण रेखा (LOC) से सटे इलाकों में पाकिस्तान सेना की गतिविधियां बढ़ गई हैं। वीरवार को जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के कुपवाड़ा और गुरेज (बांदीपोरा) क्षेत्र से सटे एथमुकाम डिग्री कॉलेज में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिकों (Pakistani Army) के पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार एलओसी के करीब स्थित यह इलाका रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है। नीलम (किशनगंगा) नदी के किनारे स्थित एथमुकाम डिग्री कॉलेज मुजफ्फराबाद से करीब 80 किलोमीटर दूर है। भारतीय सीमा के नजदीक इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों को सामान्य नहीं माना जा रहा है। इसी बीच पाकिस्तान सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने कल सुबह करीब 9:30 बजे मुजफ्फराबाद का दौरा कर वहां के हालात का जायजा लिया।
प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं पर पाकिस्तानी सेना की बर्बरता
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के कोटली में कल शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं पर पाकिस्तानी सेना व स्थानीय पुलिस ने बर्बरता की। लाठीचार्ज, पैलेट गन और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान 50 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। जेकेएचआरओ के अनुसार तय कार्यक्रम के अनुसार कोटली में महिलाएं सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही थीं। इस दौरान सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज कर दिया। इससे चीख-पुकार मच गई। महिलाओं को निशाना बनाकर फायरिंग भी की गई।
आंदोलन में मरने वालों की संख्या 91 तक पहुंची
जम्मू कश्मीर ह्यूमन राइट्स ऑब्जर्वेटरी (जेकेएचआरओ) ने आंदोलन में सेना की ओर से मारे गए लोगों की सूची जारी करते हुए बताया कि अब तक 91 लोगों की हत्या कर दी गई है। इनमें सिर्फ 43 की पुष्टि हुई है। चार मामलों का सत्यापन अभी चल रहा है। घरों से करीब 200 महिलाओं को सेना व पुलिस ने उठा लिया है।
आंदोलनकारियों के समर्थन में आया यूनाइटेड गिलगित-बाल्टिस्तान स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन
यूनाइटेड गिलगित-बाल्टिस्तान स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (यूजीबीएसओ) ने पीओके के आंदोलनकारियों का समर्थन किया है। गुरुवार को जारी पत्र में संगठन ने लिखा है कि गिलगित-बाल्टिस्तान के हजारों छात्रों ने रावलाकोट की धरती पर अपने जीवन के खूबसूरत और यादगार वर्ष बिताए हैं। उन्होंने इस शहर के शिक्षण संस्थानों में शिक्षा प्राप्त की और आज भी गिलगित-बाल्टिस्तान के अनेक छात्र यहां पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में आंदोलनकारियों को हमारा खुला समर्थन है। हम पाकिस्तानी सेना के इस दमनकारी नीति का विरोध करते हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved