कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (TMC) और सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) को कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज तीन मामलों में अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। यह अंतरिम संरक्षण 6 अगस्त तक प्रभावी रहेगा।
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान निर्देश दिया कि भवानीपुर, कलीतल्ला और दक्षिण 24 परगना के बिष्णुपुर थानों में दर्ज मामलों में जांच जारी रह सकती है, लेकिन अगली सुनवाई तक अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
अभिषेक बनर्जी ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर दावा किया था कि उनके खिलाफ दर्ज कई एफआईआर राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं। उन्होंने अदालत से इन मामलों को रद्द करने और भविष्य में इसी प्रकार की कार्रवाई पर रोक लगाने की भी मांग की थी।
हालांकि, कोर्ट ने इस चरण पर एफआईआर रद्द करने या भविष्य में दर्ज होने वाली शिकायतों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि इन मुद्दों पर विस्तृत सुनवाई बाद में की जाएगी।
सुनवाई में क्या हुई बहस?
अभिषेक बनर्जी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने दलील दी कि विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक प्रतिशोध के तहत उनके मुवक्किल के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मामलों में कथित घटनाओं के काफी समय बाद एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को पूर्व में मिली राहत का हवाला देते हुए समान संरक्षण देने का अनुरोध किया।
वहीं, केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने अदालत को बताया कि अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कुल 11 मामले दर्ज हैं। उन्होंने एक ही याचिका के जरिए कई एफआईआर को चुनौती देने की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रत्येक मामले के लिए अलग-अलग कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी तर्क दिया कि कोई भी व्यक्ति भविष्य में दर्ज होने वाली एफआईआर पर पहले से रोक लगाने का आदेश नहीं मांग सकता।
कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी पूरी जानकारी
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि यदि अभिषेक बनर्जी जांच में पूरा सहयोग करते हैं तो तत्काल गिरफ्तारी की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने राज्य सरकार को उनके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों की विस्तृत सूची भी अगली सुनवाई तक पेश करने का निर्देश दिया है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी, जब अदालत अंतरिम राहत और अन्य कानूनी पहलुओं पर आगे विचार करेगी।
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