
नई दिल्ली । कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) 2026 के आठवें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की पदक (Medal) संख्या में दो और पदक जोड़ दिए। पुरुषों की 110+ किलोग्राम भारोत्तोलन (Weightlifting) स्पर्धा में लवप्रीत सिंह (Lovepreet Singh) ने दमदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया, जबकि महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में सीमा ने कांस्य पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। इसके साथ ही एथलेटिक्स (Athletics) की कई स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने फाइनल के लिए क्वालिफाई कर आगामी मुकाबलों में पदक की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया।
भारोत्तोलन में लवप्रीत सिंह ने कुल 388 किलोग्राम भार उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने स्नैच में 176 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 212 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। स्वर्ण पदक से वह महज एक किलोग्राम पीछे रह गए, लेकिन उनके शानदार प्रदर्शन ने भारत के खाते में एक महत्वपूर्ण रजत पदक जोड़ दिया। वहीं महिला 86+ किलोग्राम वर्ग में मार्टिना देवी ने भी पूरा प्रयास किया, लेकिन वह पदक जीतने से चूक गईं और पांचवें स्थान पर रहीं।
महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में सीमा ने 58.65 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। भारत की एक अन्य खिलाड़ी निधि रानी ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन वह मामूली अंतर से पदक से चूक गईं और चौथे स्थान पर रहीं। सीमा का यह पदक भारत के लिए एथलेटिक्स में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुआ।
पुरुषों की जेवलिन थ्रो स्पर्धा में भारत के लिए बेहद सकारात्मक खबर रही। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने 79.61 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ फाइनल में जगह बनाई। उनके अलावा रोहित यादव और यशवीर सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष-12 में स्थान हासिल किया। तीनों भारतीय खिलाड़ियों के फाइनल में पहुंचने से इस स्पर्धा में भारत की पदक उम्मीदें काफी मजबूत हो गई हैं।
पुरुष त्रिकूद स्पर्धा में प्रवीण चित्रावले और सेल्वा प्रभु ने भी फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया। दोनों खिलाड़ियों ने क्वालिफिकेशन दौर में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अंतिम चरण में जगह बनाई। वहीं डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए शीर्ष दावेदारों में बने हुए हैं। लंबी कूद और हाई जंप में उनके प्रदर्शन ने उन्हें अंक तालिका में मजबूत स्थिति दिलाई।
हालांकि सभी स्पर्धाओं में भारत को सफलता नहीं मिली। पुरुष 200 मीटर दौड़ में अनिमेष कुजूर फाइनल में जगह नहीं बना सके। पुरुष 400 मीटर स्पर्धा में विशाल टीके भी अंतिम मुकाबले तक नहीं पहुंच पाए। गोला फेंक में तजिंदरपाल सिंह तूर और समरदीप सिंह गिल ने अच्छा प्रयास किया, लेकिन पदक हासिल करने में सफल नहीं हो सके। महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में पारुल चौधरी भी पोडियम तक नहीं पहुंच सकीं।
ट्रैक साइकिलिंग में भारतीय खिलाड़ियों को निराशा हाथ लगी और कोई भी खिलाड़ी मेडल राउंड में जगह नहीं बना सका। वहीं लॉन बॉल में पुरुष पेयर्स टीम ने लगातार दूसरी जीत दर्ज कर अगले दौर की उम्मीदें बरकरार रखीं, जबकि महिला एकल वर्ग में भारतीय खिलाड़ी को हार का सामना करना पड़ा।
आठवें दिन के प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया कि भारतीय दल कई स्पर्धाओं में लगातार चुनौती पेश कर रहा है। अब सभी की निगाहें अगले मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां नीरज चोपड़ा सहित कई भारतीय खिलाड़ी स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद के साथ मैदान में उतरेंगे। देश को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भारतीय खिलाड़ी पदकों की संख्या में और इजाफा करेंगे।
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