
जबलपुर। शहर में अपराध और ट्रैफिक व्यवस्था पर लगाम कसने के लिए पुलिस अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई का सहारा लेने जा रही है। रेडियो पुलिस ने भोपाल मुख्यालय को 300 से अधिक स्थानों पर करीब 2,000 एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही शहर के प्रमुख चौराहों, संवेदनशील इलाकों और प्रवेश-निकास मार्गों पर हाईटेक निगरानी नेटवर्क बिछाया जाएगा। यदि यह योजना लागू होती है तो किसी वारदात के बाद भागने वाले संदिग्ध वाहन को एक कैमरे से दूसरे कैमरे तक रियल टाइम में ट्रैक किया जा सकेगा। पुलिस का दावा है कि इससे अपराधियों तक पहुंचने का समय काफी कम हो जाएगा।
625 से बढ़कर 2,600 से ज्यादा कैमरों का नेटवर्क
वर्तमान में शहर के लगभग 125 स्थानों पर 625 कैमरे संचालित हैं। नए प्रस्ताव के लागू होने पर यह संख्या बढ़कर 2,600 से अधिक कैमरों तक पहुंच सकती है। इससे शहर का अधिकांश हिस्सा डिजिटल निगरानी के दायरे में आ जाएगा।
एआई खुद संभालेगा ट्रैफिक सिग्नल
योजना का दूसरा बड़ा उद्देश्य ट्रैफिक प्रबंधन है। एआई सॉफ्टवेयर चौराहों पर वाहनों की संख्या का विश्लेषण कर सिग्नल टाइमिंग स्वत: समायोजित करेगा। जहां ट्रैफिक अधिक होगा, वहां ग्रीन सिग्नल का समय बढ़ाया जा सकेगा, जबकि कम दबाव वाले मार्गों पर समय घटाया जाएगा। इससे जाम कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।फुटेज खंगालने में नहीं लगेगा घंटों का समय अभी किसी घटना के बाद पुलिसकर्मियों को सीसीटीवी फुटेज मैन्युअली देखनी पड़ती है, व्यक्ति की पहचान कर संबंधित फुटेज स्वत: चिन्हित कर सकता है।
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