
रांची । छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो (Student leader Devendra Nath Mahto) ने कहा कि झारखंड में छात्रों का आमरण अनशन और सत्याग्रह (Students’ Hunger Strike and Satyagraha in Jharkhand) जारी रहेगा (Will Continue) ।
झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने बुधवार को चौथे दिन जल ग्रहण किया। उन्होंने बताया कि देश के प्रख्यात इनोवेटर सोनम वांगचुक के साथ वीडियो कॉल पर बातचीत के बाद उनके आग्रह पर उन्होंने पानी पिया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि आमरण अनशन और सत्याग्रह आंदोलन पहले की तरह जारी रहेगा। देवेंद्र महतो ने कहा कि सोनम वांगचुक ने आंदोलन के प्रति समर्थन, मार्गदर्शन और हौसला दिया। उन्होंने वांगचुक से रांची आकर आंदोलनरत छात्रों का मनोबल बढ़ाने का भी आग्रह किया।
उधर, आंदोलन के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहली बार इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार संवेदनशील है और छात्रों के साथ न्याय होगा। उन्होंने कहा था कि सरकार पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद संवैधानिक दायरे में उचित निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा था, “हम जिस समस्या के पीछे पड़ते हैं, उसे ठीक करके ही दम लेते हैं।”
छात्र पिछले 12 दिनों से 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने, जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच, ओएमआर शीट और मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं सार्वजनिक करने तथा भर्ती आयोगों में व्यापक सुधार की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं।
आंदोलनकारियों के एक गुट ने पहले ही घोषणा की है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 6 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इस बीच, कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने राज्य के विभिन्न जिलों में कई स्थानों पर छापेमारी कर लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज, ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की है। इनकी जांच जारी है। विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार पर लगातार हमलावर है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत भाजपा के कई नेताओं ने पूरे मामले की सीबीआई जांच, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और छात्रों की मांगों को तत्काल स्वीकार करने की मांग की है।
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