
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर रिटायर्ड अधिकारी से 4 लाख 5 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में झाबुआ जिले के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को कश्मीर पुलिस का अधिकारी बताकर 65 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी को वीडियो कॉल किया था। उसने अधिकारी को पहलगाम आतंकी हमले का संदिग्ध बताते हुए कहा कि उनका संबंध पाकिस्तान के आतंकियों से है और वे पाकिस्तानी एजेंट हैं। आरोपी ने रिटायर्ड अधिकारी को धमकाते हुए कहा कि मामले से नाम बाहर करना आसान नहीं होगा और इसके लिए उन्हें बड़ी रकम चुकानी पड़ेगी।
इन धमकियों से घबराए आनंदनगर निवासी श्रवण कुमार ने आरोपी के बताए अलग-अलग बैंक खातों में कुल 4 लाख 5 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। श्रवण कुमार महाराष्ट्र की एक मिल से अधिकारी पद से रिटायर हुए हैं। रुपए मिलने के बाद ठगों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनका नाम मामले से बाहर कर दिया गया है और उन्हें क्लीन चिट मिल गई है। इसके बाद आरोपी ने उन्हें थाने जाकर क्लीन चिट से जुड़े दस्तावेज लेने के लिए कहा। ठगों की बात पर भरोसा कर श्रवण कुमार रामेश्वर चौकी पहुंच गए।
श्रवण कुमार को तब झटका लगा, जब वहां पुलिसकर्मियों से क्लीन चिट के दस्तावेज मांगे। इस पर चौकी प्रभारी सुभाष नावड़े ने उन्हें बताया कि उनके साथ ठगी हुई है। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिन बैंक खातों में रुपए ट्रांसफर किए गए थे। उनमें से एक खाता आकाश उर्फ हाव सिंग पिता गुलचंद उर्फ गुलशन उर्फ गुल्ला भूरिया उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम नरवालिया झाबुआ के नाम पर है।
पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। उसकी लोकेशन पिछले कई दिनों से दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में मिल रही थी। पुलिस लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। जैसे ही आरोपी झाबुआ पहुंचा, पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर ठगी में शामिल अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved