
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से प्रशासनिक संवेदनहीनता और जनसमस्याओं से जुड़ी एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां एक तरफ पूरा देश स्वतंत्रता दिवस के जश्न में डूबा था, वहीं महाराजपुर तहसील के ग्राम टटम के स्कूली बच्चे अपनी मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। टेंट लगाकर धरना दे रहे ग्रामीणों और बच्चों से जब कोई अधिकारी मिलने नहीं पहुंचा तो बच्चों ने खुद 40 किलोमीटर दूर छतरपुर कलेक्टर से मिलने के लिए पैदल ही मार्च शुरू कर दिया।
15 किमी पैदल चले मासूम, विधायक पर मिलने न आने का आरोप
लगभग 15 किलोमीटर पैदल चलकर जब बच्चे महाराजपुर पहुंचे तो उनके समर्थन में गांव के युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में जुड़ गए। बच्चों की मांग है कि महाराजपुर विधायक कामाख्या प्रताप सिंह ‘टीका राजा’ स्वयं धरना स्थल पर आकर उनकी समस्या सुनें। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान विधायक धरना स्थल से महज 10-12 किमी दूर थे, फिर भी वे मिलने नहीं आए। बच्चों ने तहसीलदार और एसडीएम से हाथ जोड़कर विधायक से बात कराने की मिन्नतें कीं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
वहीं मामले में विधायक कामाख्या प्रताप सिंह का कहना है कि उनके प्रस्ताव पर टटम गाँव की सड़क को ‘प्रधानमंत्री सड़क योजना’ से जोड़ दिया गया है। आक्रोशित बच्चों और ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
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