
- कोई रोकने को तैयार नहीं, प्रशासन मौन
उज्जैन। जिला प्रशासन की ओर से शहर को बाल भिक्षामुक्त करने का अभियान सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गया है। आलम यह है कि आज भी शहर के समस्त चौराहों व मंदिरों पर खुलेआम बच्चे भीख मांगते देखे जा सकते है।
उल्लेखनीय हैं कि पूर्व में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से बेशक भीख मांगने वाले बच्चों के अभिभावकों के खिलाफ कारवाई की गई हो। मगर, कुछ दिनों के बाद भीख मांगने वाले बच्चे फिर से सड़कों पर दिखना शुरू हो गए हैं। प्रशासन को इन बच्चों की ओर ध्यान देना चाहिए। इनके अभिभावकों को जागरूक कर इन बच्चों को स्कूलों में दाखिल करवा कर पढऩे व खाने आदि का इंतजाम करना चाहिए। खास बात यह है कि जिला प्रशासन द्वारा कई बार इन्हें रोकने और बेहतर जीवन में लाने का प्रयास किए गए, लेकिन अब तक सफल नहीं हो सके हैं। ऐसे में महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन के नारों और दावों के बीच भिक्षावृत्ति की तस्वीरें सरकार और समाज दोनों को शर्मसार कर रही हैं। अभी भी सैकड़ों माँ अपने आंचल में छोटे बच्चे को दबाकर तो कई जगह 5 से 7 साल के बच्चे श्रद्धालुओं के पीछे दौड़ते नजर आ रहे है। हालांकि भिखारी के संबंध में पूरी खबर जिला प्रशासन के पास भी है। यही वजह है कि जिला प्रशासन को अब न केवल भीख मांगने बल्कि भीख देने वालों के खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई शुरू करना चाहिए।