
राजकोट। गुजरात के राजकोट (Rajkot, Gujarat) स्थित पी.डी.यू. सिविल अस्पताल एक बार फिर बड़े विवादों के घेरे में आ गया है। अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में एक मरीज के इलाज को लेकर शुरू हुई बहस इतनी बढ़ गई कि वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (सीनियर डॉक्टर) ने एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर को थप्पड़ मार दिया। इस घटना के विरोध में सभी रेजिडेंट डॉक्टर काम बंद कर हड़ताल पर उतर आए, जिसके बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोनाली माकड़िया को उनके पद से हटा दिया है।
ऑक्सीजन के मुद्दे पर शुरू हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार, इमरजेंसी विभाग में इलाज करा रहे एक मरीज के ऑक्सीजन के मुद्दे पर जूनियर डॉक्टर ने मेडिकल ऑफिसर डॉ. अश्विन विट्ठलभाई रामानी का ध्यान आकर्षित किया था। मरीज के इलाज को लेकर चर्चा करते समय डॉ. रामानी अचानक भड़क गए और “क्या तुम मुझे सिखाओगी?” कहते हुए महिला रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. क्रिशाबेन नीलेशभाई शिंगाला पर हाथ उठा दिया और थप्पड़ जड़ दिया। इसके साथ ही आरोपी डॉक्टर ने उन्हें “मैं तुम्हें देख लूंगा” की धमकी भी दी। इस अप्रत्याशित हमले के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और सभी रेजिडेंट डॉक्टर काम बंद कर इमरजेंसी विभाग के बाहर सड़क पर धरने पर बैठ गए।
नशे में ड्यूटी और पहले भी मारपीट के आरोप
आंदोलन कर रहे रेजिडेंट डॉक्टरों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डॉ. अश्विन रामानी अक्सर नशे की हालत में ड्यूटी पर आते हैं और जूनियर डॉक्टरों के साथ गाली-गलौज करते हैं। उन्होंने पहले भी कई बार रेजिडेंट डॉक्टरों पर हाथ उठाया है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बारे में सिविल अस्पताल के अधीक्षक और आरएमओ (RMO) को कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोनाली माकड़िया पद से मुक्त
जूनियर डॉक्टर पर हुए इस गंभीर हमले और उसके बाद अस्पताल में पैदा हुई असंतोषजनक स्थिति को देखते हुए गुजरात सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने तुरंत बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सरकार ने प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक और प्लास्टिक एंड रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी विभाग की प्रोफेसर डॉ. मोनाली माकड़िया को उनके पद के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया है।
उनके स्थान पर नेत्र रोग (ऑप्थल्मोलॉजी) विभाग के प्रोफेसर डॉ. कमल डोडिया को राजकोट सिविल अस्पताल का नया और 23वां चिकित्सा अधीक्षक नियुक्त किया गया है। डॉ. डोडिया के सामने अब अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ डॉक्टरों का विश्वास बहाल करने और मरीजों को सुचारू इलाज सुनिश्चित कराने की बड़ी चुनौती होगी।
आरोपी डॉक्टर अश्विन रामानी की ड्यूटी पर रोक
दूसरी ओर, घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रद्युम्ननगर पुलिस स्टेशन में आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी जांच शुरू कर दी गई है। अस्पताल के आरएमओ डॉ. हर्षद दुसरा ने बताया कि मामले की पूरी रिपोर्ट गांधीनगर मुख्यालय को भेज दी गई है। इसके साथ ही आरोपी डॉक्टर अश्विन रामानी को लिखित निर्देश देकर अंतिम निर्णय आने तक ड्यूटी पर आने से रोक दिया गया है। आरएमओ के अनुसार, इस मामले में निलंबन (सस्पेंशन) या तबादले जैसी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
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