
डेस्क: एपल और ओपनएआई के बीच ट्रेड सीक्रेट यानी कारोबारी गोपनीय जानकारी को लेकर कानूनी लड़ाई और आगे बढ़ गई है. एपल ने कोर्ट से ओपनएआई की उस मांग को खारिज करने की अपील की है, जिसमें कंपनी ने केस को शुरुआती स्तर पर ही खत्म करने की मांग की थी. एपल का आरोप है कि ओपनएआई ने उसकी ट्रेड सीक्रेट जानकारी का गलत तरीके से इस्तेमाल किया. अब इस मामले में अगली बड़ी सुनवाई 1 अक्टूबर 2026 को होनी है.
एपल ने अपनी ताजा कोर्ट फाइलिंग में ओपनएआई की केस खारिज करने की मांग का विरोध किया है. एपल के मुताबिक, ओपनएआई का यह अनुरोध तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने, बाहरी सबूतों के अनुचित इस्तेमाल और अटकलों पर आधारित है. कंपनी ने अपने आरोपों को दोहराते हुए कहा है कि उसके पास ट्रेड सीक्रेट के गलत इस्तेमाल के सबूत हैं और ओपनएआई ने कथित तौर पर इसे बढ़ावा दिया. एपल ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी से जुड़े लोगों ने एपल के कुछ कर्मचारियों को जानकारी हासिल करने के तरीके बताए.
एपल ने ओपनएआई के खिलाफ ट्रेड सीक्रेट के गलत इस्तेमाल का मुकदमा शुरू किया था. इसके बाद ओपनएआई ने 5 अगस्त 2026 को केस को खारिज करने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया. ओपनएआई का तर्क था कि उसे एपल की मालिकाना जानकारी की जरूरत नहीं थी और एपल ही उसके साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम नहीं है. एपल ने अब ओपनएआई के इस तर्क को खारिज करते हुए कहा है कि कंपनी उसके आरोपों को साधारण गलतियों या अनजाने में हुई घटनाओं के तौर पर पेश कर रही है.
इस मामले में ओपनएआई को एपल के विरोध पर अपना जवाब 26 अगस्त 2026 तक दाखिल करना है. इसके बाद 1 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी जिला जज एडवर्ड जे. डेविला ओपनएआई की केस खारिज करने की मांग पर दलीलें सुनेंगे. अगर जज ओपनएआई की मांग को खारिज कर देते हैं, तो मामला डिस्कवरी चरण में आगे बढ़ सकता है. इस प्रक्रिया में दोनों कंपनियां मामले से जुड़े दस्तावेज, सबूत, बातचीत और दूसरी जानकारी मांग सकती हैं. इसमें ओपनएआई के हार्डवेयर प्रोजेक्ट, एपल के पूर्व कर्मचारियों की नियुक्ति और उनके साथ आई जानकारी से जुड़े रिकॉर्ड भी सामने आ सकते हैं.
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