
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने जंतर-मंतर पर लंबे समय तक चले विरोध प्रदर्शन को खत्म करने के लिए दिए गए वादों को पूरा नहीं किया है. रविवार, 23 अगस्त को इस ग्रुप ने सरकार से बातचीत के दौरान किए गए सभी वादों को लागू करने की अपील की और चेतावनी दी कि इसमें किसी भी तरह की देरी से एक और आंदोलन शुरू हो सकता है. एक बयान में सीजेपी ने आरोप लगाया कि सरकार ने अभी तक प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर की लिस्ट शेयर नहीं की है, जबकि कोर्ट ने उन्हें वापस लेने के लिए कई बार कहा था.
भरोसा तोड़ने का इल्जाम
कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा कि उनकी तरफ से पहले ही चेतावनी दी थी कि वादों पर कार्रवाई न करना उन युवा भारतीयों को धोखा देने जैसा होगा जिन्होंने सरकार पर भरोसा किया था. सीजेपी ने कहा कि वादों को टालने, कमजोर करने या उनका गलत मतलब निकालने की कोई भी कोशिश भरोसे को बुरी तरह तोड़ने जैसा होगा, जिसे उसने देश के युवाओं के साथ ‘विश्वासघात’ बताया.
24 अगस्त को अगली मीटिंग
सीजेपी ने कहा कि वो आगे की रणनीति तय करने के लिए 24 अगस्त को मीटिंग करेगी. उसने छात्रों, युवा नागरिकों, समर्थकों और वॉलंटियर्स से कहा है कि वो संभावित कदम के लिए तैयार रहें. सीजेपी के मुताबिक, सरकार के किसी भी डेलिगेशन ने वादों पर हुए प्रोग्रेस के बारे में उसके रिप्रेजेंटेटिव्स से संपर्क नहीं किया है. इन वादों में NEET की तैयारी करने वाले उन छात्रों के परिवारों को आर्थिक मदद देना भी शामिल है जिन्होंने खुदकुशी कर ली थी. ग्रुप का दावा है कि उसके महीने भर चले विरोध प्रदर्शन की वजह से पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा, लेकिन उसने कहा कि जब तक सभी वादे पूरे नहीं हो जाते, तब तक आंदोलन को पूरा नहीं माना जाएगा.
तीन बड़े वादे क्या थे?
CJP ने 25 जुलाई को अपना विरोध प्रदर्शन खत्म किया था. उसने दावा किया था कि सरकार ने 3 बड़ी मांगें मान ली हैं: पीड़ित परिवारों को ज्यादा से ज्यादा मुआवजा देना, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर वापस लेना, और सरकार के साथ आगे बातचीत के जरिए परीक्षा सुधार के अपने पांच-सूत्रीय एजेंडे पर विचार करना.
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