
अभिजीत मुहूर्त में रक्षाबंधन का श्रेष्ठ समय दोपहर 12:04 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा
इंदौर। किसी भी मांगलिक कार्य, पूजा या अनुष्ठान में सबसे पहला अधिकार भगवान श्रीगणेश (Lord Ganesha) का होता है। भाई को राखी (Rakhi) बांधने की रस्म भी एक पवित्र अनुष्ठान है, इसलिए विघ्नहर्ता से अनुमति और आशीर्वाद स्वरूप बहनों (Sisters) द्वारा पहली राखी श्रीगणेश को अर्पित की जानी चाहिए। कल भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व राखी सुबह से रात तक उत्साह, उल्लास, उमंग के साथ मनाया जाएगा। पंडितों के अनुसार अभिजीत मुहूर्त में रक्षाबंधन का श्रेष्ठ समय दोपहर 12:04 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा।
उल्लेखनीय है कि गणेशजी का एक नाम विघ्नहर्ता है। उन्हें राखी अर्पित कर बहन वास्तव में अपने भाई के जीवन की हर बाधा, संकट और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने की प्रार्थना कर सकती है। श्रीगणेश को सर्वप्रथम राखी बांधने से भाई को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा, सद्बुद्धि और हर कार्यक्षेत्र में विजय का आशीर्वाद प्राप्त होता है। गणेशजी ने माता-पिता की परिक्रमा कर पूरे ब्रह्मांड का सुख उन्हीं में पाया तो उन्होंने यह सिद्ध किया कि परिवार से बढ़कर कुछ नहीं। उन्हें राखी बांधकर भाई-बहन के इस रिश्ते में वही अटूट समर्पण और प्रेम मांगा जाता है।
कल राखी बांधते समय बहनें निम्न मंत्र का उच्चारण करें
कल राखी बांधते समय बहनें येन बद्धो बली राजा, दानवेन्द्रो महाबल: । तेन त्वामभिबध्नामि, रक्षे मा चल मा चल … मंत्र का उच्चारण करें। इससे भाइयों की आयु में वृद्धि होती है। राखी बांधते समय उपरोक्त मंत्र का उच्चारण करना विशेष शुभ माना जाता है। इस मंत्र में कहा गया है कि जिस रक्षा डोर से महान शक्तिशाली दानवेंद्र राजा बलि को बांधा गया था, उसी रक्षाबंधन के पवित्र सूत्र को मैं तुम्हें बांधती हूं। यह डोर तुम्हारी रक्षा करेगी और तुम्हें उन्नति के शिखर पर पहुंचाएगी।
लक्ष्मीजी राजा बलि को राखी बांधने पाताललोक गई थीं
रक्षाबंधन को लेकर अकसर भाई-बहनों में इस बात पर नोकझोंक हो जाती है कि कौन किसके घर जाएगा, लेकिन शास्त्रों, पुराणों में उल्लेख है कि लक्ष्मीजी स्वयं राजा बलि को राखी बांधने पाताललोक गई थीं। वहीं श्रीकृष्ण को रक्षासूत्र बांधने के लिए द्रौपदी आगे बढ़ी थीं। इसके अलावा सावन में महिलाओं के मायके जाने की भी खास मान्यता है। इन कथाओं और मान्यताओं से स्पष्ट होता है कि रक्षाबंधन पर बहन को अपने भाई के घर जाना चाहिए। अगर बहनें मायके न आ पाएं तो भाइयों को बहन के घर राखी बंधवाने जाना चाहिए।
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