नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के साथ एक बार फिर कार में सफर करते हुए तस्वीर सामने आई है। किर्गिस्तान (Kyrgyzstan) में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं ने मुलाकात की और एक ही गाड़ी में विश्व घुमंतू खेलों के लिए रवाना हुए। पीएम मोदी ने खुद सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा कर इस मुलाकात की जानकारी दी।
मोदी-पुतिन की यह तस्वीर ऐसे समय सामने आई है, जब भारत और रूस के संबंधों को लेकर वैश्विक स्तर पर लगातार चर्चा हो रही है। दोनों नेताओं की अनौपचारिक कार यात्रा ने एक बार फिर ‘कार डिप्लोमेसी’ को सुर्खियों में ला दिया है।
सिर्फ कार की सवारी नहीं, अहम मुद्दों पर भी हुई बातचीत
मोदी और पुतिन की कार यात्रा भले ही अनौपचारिक नजर आई हो, लेकिन दोनों नेताओं की बातचीत का एजेंडा काफी गंभीर रहा। मुलाकात के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध का मुद्दा भी उठा।
प्रधानमंत्री मोदी ने युद्ध को जल्द समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अब अंतहीन संघर्ष से आगे बढ़ने और इसे खत्म करने की दिशा में प्रयास करने का समय है। उन्होंने शांतिपूर्ण समाधान को पूरी मानवता की साझा प्राथमिकता बताया।
ऐसे में दोनों नेताओं का एक साथ कार में जाना महज तस्वीर खिंचवाने तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे दोनों देशों के बीच सहज और सीधे संवाद के एक और उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।
पुतिन की भारत यात्रा से पहले मुलाकात क्यों अहम?
मोदी और पुतिन की यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि रूसी राष्ट्रपति की आगामी भारत यात्रा प्रस्तावित है। पुतिन करीब एक सप्ताह बाद नई दिल्ली में होने वाले वार्षिक BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत पहुंचने वाले हैं।
SCO बैठक से अलग दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत को आगामी यात्रा की पृष्ठभूमि में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान पुतिन की पिछली भारत यात्रा को याद किया और उसे सफल तथा यादगार बताया।
मोदी ने कहा कि भारत और रूस के बीच सहयोग लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
भारत-रूस संबंधों पर PM मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और रूस के बीच सहयोग दोनों देशों की जनता के हित में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जोर दिया कि राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना दोनों देशों की साझा सोच रही है।
मोदी के मुताबिक भविष्य में भी यही सिद्धांत भारत-रूस संबंधों को आगे बढ़ाने में मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा। ऐसे वक्त में जब रूस को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई तरह के दबाव और समीकरण बने हुए हैं, भारत का यह रुख उसके रणनीतिक हितों को प्राथमिकता देने का संकेत देता है।
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इससे पहले मिर्जियोयेव के साथ भी कार में दिखे थे मोदी
पुतिन के साथ कार यात्रा से पहले प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ भी एक ही गाड़ी में सफर करते नजर आए थे।
दोनों नेताओं की साथ कार में जाते हुए तस्वीरों को भी ‘कार डिप्लोमेसी’ के उदाहरण के तौर पर देखा गया था। मोदी इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय बैठकों के दौरान विदेशी नेताओं के साथ औपचारिक बैठक के बजाय अपेक्षाकृत अनौपचारिक माहौल में बातचीत करते दिखाई दिए हैं।
आखिर ‘कार डिप्लोमेसी’ क्यों खास है?
कूटनीति में नेताओं के बीच औपचारिक बैठकों के अलावा अनौपचारिक बातचीत का भी अपना महत्व होता है। कार में साथ सफर करने के दौरान प्रोटोकॉल और औपचारिकता अपेक्षाकृत कम होती है, जिससे नेता कई मुद्दों पर ज्यादा सहज तरीके से बातचीत कर सकते हैं।
मोदी और पुतिन की ताजा तस्वीर इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि दोनों देशों के रिश्ते रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े हैं। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत संवाद की सहजता को भारत-रूस संबंधों के व्यापक संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
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