लंदन। ब्रिटेन की राजधानी लंदन (London) के बेहद पॉश केन्सिंगटन इलाके में स्थित एक आलीशान डुप्लेक्स पेंटहाउस (Penthouse) की बिक्री की तैयारी की जा रही है। करीब 3,944 वर्ग फुट में फैले पांच बेडरूम वाले इस पेंटहाउस की कीमत 12 मिलियन पाउंड (लगभग 140 करोड़ रुपये) रखी गई है। यह संपत्ति वर्ष 2016 में करीब 19 मिलियन पाउंड में खरीदी गई थी।
यह पेंटहाउस केन्सिंगटन पैलेस के समीप पैलेस ग्रीन स्थित एक इमारत में है। इसमें निजी रूफ टेरेस और स्टाफ क्वार्टर सहित कई लग्जरी सुविधाएं मौजूद हैं। इसी इमारत में एक अन्य पेंटहाउस (London) भी है, जिसे करीब 16.75 मिलियन पाउंड में खरीदा गया था। दोनों संपत्तियों की कुल खरीद कीमत करीब 36 मिलियन पाउंड बताई गई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, संपत्ति की बिक्री की प्रमुख वजह मॉर्गेज भुगतान में कथित चूक है। कागजी मालिक की ओर से ऋण का भुगतान नहीं किए जाने के बाद कर्जदाताओं ने बकाया राशि की वसूली के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की और रिसीवर नियुक्त किए गए।
ब्रिटिश सरकार की मंजूरी के बाद संपत्ति को बिक्री के लिए रखा जा रहा है। बिक्री से प्राप्त रकम में पहले कर्जदाताओं के बकाये और कानूनी खर्चों का भुगतान किया जाएगा। इसके बाद बची राशि को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के चलते फ्रीज रखे जाने की संभावना है।
पेंटहाउस की लोकेशन को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी सामने आई हैं। यह संपत्ति लंदन स्थित इजरायली दूतावास से 50 मीटर से भी कम दूरी पर बताई जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, यहां से दूतावास के पिछले हिस्से पर नजर रखी जा सकती है।
काउंटर-टेररिज्म विशेषज्ञ रोजर मैकमिलन ने सुरक्षा संबंधी संभावित चिंताओं का उल्लेख किया है। हालांकि, संपत्ति से जासूसी गतिविधि किए जाने का कोई सबूत सामने नहीं आया है। इजरायली दूतावास ने भी इस मामले पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
ब्रिटिश सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, इन पेंटहाउसों के स्वामित्व का संबंध ईरानी बैंकर अली अंसारी से बताया जाता है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों और ब्लूमबर्ग की जांच में इस संपत्ति को ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई से जुड़े कथित प्रॉपर्टी नेटवर्क से जोड़ा गया है।
अमेरिका और ब्रिटेन अली अंसारी पर प्रतिबंध लगा चुके हैं। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने उन पर ईरानी नेतृत्व के लिए विदेशों में शेल कंपनियों और बिचौलियों के माध्यम से संपत्ति नेटवर्क संचालित करने के आरोप लगाए थे।
हालांकि, अंसारी के वकीलों ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने खामेनेई या ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के साथ किसी भी वित्तीय संबंध से इनकार किया है।
पेंटहाउस की बिक्री के लिए जारी ब्रोशर में न तो मोजतबा खामेनेई और न ही अली अंसारी का नाम दर्ज है। एजेंटों ने संभावित खरीदारों को संपत्ति और उससे जुड़े स्वामित्व संबंधी पहलुओं की स्वतंत्र जांच-पड़ताल करने की सलाह दी है।
पैलेस ग्रीन इमारत के कर्मचारियों के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि उन्होंने अंसारी या खामेनेई को संपत्ति पर आते-जाते नहीं देखा है।
फिलहाल यह संपत्ति मॉर्गेज विवाद, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और सुरक्षा संबंधी सवालों के बीच बिक्री के लिए रखे जाने की तैयारी में है। बिक्री से प्राप्त रकम के इस्तेमाल को लेकर भी ब्रिटिश कानूनी और प्रतिबंध संबंधी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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