
उज्जैन। समग्र पोर्टल आईडी हैक करके मनमाने अपडेट करने वालों पर अंकुश लगाने के लिए समग्र पोर्टल पर कुछ अपडेट किए जा रहे हैं। इसके तहत सबसे बड़े दो बदलाव यह किए गए हैं कि अब किसी भी कार्यालय में पदस्थ अधिकारी की आईडी पहले से चिह्नित महज दो कम्प्यूटर सिस्टम पर ही खुलेगी।
वहीं दूसरा बदलाव यह किया गया है कि इसके लिए अलग से किसी भी अधिकारी की समग्र पोर्टल आईडी की जरूरत नहीं होगी। बल्कि अधिकारी की व्यक्तिगत समग्र आईडी से ही पोर्टल चलेगा। यही नहीं समग्र आईडी से संबंधित मोबाइल पर ही ओटीपी जाएगा। दावा तो यह भी किया गया है कि जल्द ही समग्र पोर्टल को जिम्मेदारों के आधार से भी लिंक कर दिया जाएगा। अभी एक-एक अधिकारी और कर्मचारी जो समग्र पोर्टल से संबंधित सर्विसेस पर काम करते हैं उनकी अलग से यूजर आईडी व पासवर्ड बनाने होते हैं। यदि हैकर के पास किसी का यूजर आईडी और पासवर्ड पहुँच जाए तो वह कहीं से भी किसी भी सिस्टम पर समग्र पोर्टल आईडी खोलकर उसका दुरुपयोग कर सकता है। इससे बचने के लिए पोर्टल को हाल ही में अपडेट किया गया है। अब न यूजर आईडी होगा और न पासवर्ड ऐसे में कोई इसे हैक भी नहीं कर पाएगा। अब अधिकारी-कर्मचारी अपनी आईडी से अपने मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त कर लॉगिन कर सकेंगे। किसी कार्यालय में जिन दो सिस्टम को समग्र पोर्टल से जोड़ा गया है, किसी कारण से उसके स्थान पर दूसरे सिस्टम को जोडऩा है तो इसके लिए जिला समग्र अधिकारी की ओर से प्रक्रिया करानी होगी। यह बदलाव पोर्टल सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए की जा रही है। बताया गया है कि उज्जैन समेत प्रदेशभर में इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। ज्यादातर कार्यालयों में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। बता दें कि कुछ मामलों में हैकर की ओर से लोगों की परिवार आईडी में अपात्र लोगों के नाम जोड़े जा रहे थे। इसका ओटीपी भी जोनल अधिकारी के पास नहीं जा रहा था। अभी तक ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन अब सिस्टम में एप्लीकेशन इंस्टॉल करने के बाद जिला समग्र अधिकारी इसे एप्रूव करेगा। इसके बाद ही उस सिस्टम पर पोर्टल काम करेगा। इसका फायदा यह होगा कि किसी भी समग्र आईडी में कोई भी बदलाव आदि होता है तो किस सिस्टम से हुआ यह आसानी से पता चल सकेगा।