
उज्जैन। मानसून अब समाप्त होने वाला है। जल्द ही सर्दी शुरू होगी और मौसम बदलने के साथ कई बीमारियां दस्तक देना शुरू कर देती हैं। मौसमी बीमारियों से बचने के लिए विशेष सावधानी रखना जरूरी है।
उज्जैन में हाल ही के वर्षों में कम उम्र के युवाओं से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक में साइलेंट हार्ट अटैक से मौत के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें कुछ प्रमुख घटनाएँ निम्नलिखित हैं। महाकाल मंदिर के पुरोहित समिति के अध्यक्ष 63 वर्षीय अशोक शर्मा को महाकाल मंदिर जाते समय साइलेंट अटैक आया था। वे रास्ते में एक दुकान के बाहर बैठे और गश खाकर गिर पड़े, जिसके बाद अस्पताल ले जाने पर उनकी मृत्यु हो गई। इसी प्रकार उज्जैन के युवा कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव अमित शर्मा का 39 वर्ष की उम्र में साइलेंट हार्ट अटैक से निधन हो गया था। घर पर अचानक तबीयत बिगडऩे पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, वहीं महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान गेट नंबर 1 पर अचानक एक श्रद्धालु सौरभराज सोनी को दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह सभी मामले साइलेंट अटैक से जुड़े हुए हैं। अचानक दिल का दौरा आने से युवा वर्ग भी मौत का शिकार बन रहा है। युवा वर्ग फास्ट फूड, मिर्च मसाले, मैदे व तेल से बने खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करने लगा है। यह बीमारियों का बड़ा कारण है। पौष्टिक और संतुलित आहार लें। भोजन में में हरी सब्जियों और फलों को शामिल करें। अधिक से अधिक सलाद खाने की आदत डालें। खराब कोलेस्ट्रोल से दिल का दौरा होने का खतरा अधिक होता है। डॉक्टरों की मानें तो साइलेंट हार्ट अटैक में मरीज को पहले से कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, इसलिए साइलेंट हार्ट अटैक ज्यादा खतरनाक माना जाता है क्योंकि इसमें मरीज की तत्काल मौत हो जाती है। चूंकि नियमित रूप से योग और वॉक करने से हृदयाघात की संभावना को कम किया जा सकता है। समय-समय पर जाँच कराना चाहिए, जिससे कोई दिक्कत होने पर तत्काल इलाज किया जा सके। अपने फैमिली डॉक्टर की सलाह से ही दवाएं लें।
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