
ग्वालियर। ग्वालियर (Gwalior) में लंपी वायरस से गोवंश को बचाने के दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं। रतवाई गांव में श्री वृंदावन गौशाला के नाम से बनाए गए आइसोलेशन सेंटर में बीमार गोवंश की मौत के बाद पशुपालन विभाग की व्यवस्थाएं कटघरे में हैं। गोशाला प्रबंधन का आरोप है कि लगातार सूचना देने के बावजूद इलाज के लिए डॉक्टर नहीं पहुंचे, जिसके चलते करीब 15 गोवंश की मौत हो गई। मामला सामने आने के बाद पशुपालन विभाग अब सक्रिय हो गया है।
दरअसल, रतवाई गांव स्थित श्री व्रन्दावन गौशाला में लंपी वायरस से संक्रमित गोवंश को अलग रखने के लिए आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है। लेकिन यहां इलाज और व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आइसोलेशन सेंटर के प्रबंधक सोनू बाबा का आरोप है कि वह लंबे समय से नगर निगम के माध्यम से पशु चिकित्सा विभाग से संपर्क कर रहे थे और बीमार गोवंश के इलाज के लिए डॉक्टर भेजने की मांग कर रहे थे। लेकिन समय पर कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा।
उनका कहना है कि सेंटर में करीब 20 गोवंश बीमार थे, जिनमें से लगभग 15 की मौत हो चुकी है, जबकि कई गोवंश अभी भी गंभीर हालत में हैं। वहीं गोवंश के शव लंबे समय तक पड़े रहने की बात भी सामने आई है। मामला सामने आने के बाद पशुपालन विभाग हरकत में आ गया है। विभाग के जॉइंट डायरेक्टर डॉ अनिल अग्रवाल के मुताबिक, संबंधित ड्यूटी डॉक्टर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जा रहा है।
वहीं लंपी वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में वैक्सीनेशन अभियान तेज करने की बात कही गई है। शासन से 2 लाख वैक्सीन की मांग भी भेजी गई है। संभाग के सभी आठ जिलों में वायरस को फैलने से रोकने के लिए संबंधित उपसंचालकों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि जब आइसोलेशन सेंटर में बीमार गोवंश के इलाज के लिए लगातार सूचना दी जा रही थी, तो समय पर चिकित्सकीय व्यवस्था क्यों नहीं पहुंची?
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