
तिरुवनंतपुरम । केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन (Kerala CM VD Sateeshan) ने कहा कि सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में (In CMRL-Exalogic Case) ईडी द्वारा भेजी गई सामग्री की कानूनी जांच के बाद ही (Only after legal examination of material sent by ED) सरकार कोई निर्णय लेगी (Government will take Decision) ।
दरअसल, ईडी ने पीएमएलए की धारा 66(2) के तहत अपनी जांच के निष्कर्ष और सहायक दस्तावेज केरल पुलिस प्रमुख को भेजे हैं। ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी टी. वीना और दामाद पी.ए. मोहम्मद रियास सहित अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि सरकार ईडी द्वारा भेजी गई सामग्री की कानूनी जांच के बाद ही कोई निर्णय लेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। कानून अपना काम करेगा।” उन्होंने बताया कि ईडी ने एक से अधिक मामलों में सामग्री भेजी है और सरकार के लिए फैसला लेने से पहले सबूतों की जांच करना जरूरी है।
सीएम सतीशन ने ईडी की कार्रवाई पर सीपीआई(एम) की प्रतिक्रिया की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पार्टी का अपने नेताओं का बचाव करना स्वाभाविक है, लेकिन पार्टी के अंदर जो कुछ हो रहा है वह अजीब है। उन्होंने कांग्रेस के रुख से इसकी तुलना करते हुए कहा कि जब राहुल गांधी और सोनिया गांधी से ईडी ने पूछताछ की थी, तब उन्होंने एजेंसी के साथ पूरा सहयोग किया था और लंबी पूछताछ से गुजरे थे, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ईडी अधिकारियों पर हमला नहीं किया था।
पीएम श्री योजना पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट की एक सब-कमेटी इस मुद्दे की जांच कर रही है और समय आने पर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली एलडीएफ सरकार द्वारा इस मामले पर बनाई गई कमेटी सात महीने तक नहीं मिली। मंत्रियों के निजी स्टाफ की नियुक्तियों पर अपनी सरकार का बचाव करते हुए सतीशन ने कहा कि वर्तमान सरकार में 476 निजी स्टाफ सदस्य हैं, जबकि पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली पिछली सरकार में यह संख्या 787 थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा कैबिनेट में किसी भी मंत्री ने 25 से ज्यादा निजी स्टाफ की नियुक्ति नहीं की है और कई मंत्रियों के पास तो इससे भी कम स्टाफ है।
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