
उज्जैन। चरक अस्पताल अपनी अव्यवस्थाओं को लेकर हमेशा चर्चा में बना रहता है। कभी यहाँ स्टॉफ की लापरवाही तो कभी व्यवस्थाओं के अभाव में मरीज दम तोड़ देते हैं। वहीं अगर आंकड़ों की बात करें तो चरक अस्पताल में रोज़ाना एक से दो मरीजों की मौत होती है और इस साल अब तक यहाँ 347 मरीजों की मौत हो चुकी हैं।
अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक शासकीय चरक अस्पताल में एक जनवरी 2026 से 30 अगस्त तक लगभग 36 हजार 181 मरीज भर्ती हुए हैं जिनमें से 347 मरीजों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा बेहद चिंताजनक है। बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं। इतना ही नहीं अस्पताल में डॉक्टरों स्टॉफ की शिकायतें भी रोज सुनने को मिलती है, जिसका खामियाजा यहाँ भर्ती होने वाले मरीजों को भुगतना पड़ता है। चरक अस्पताल में लगभग 150 मरीज रोज भर्ती होते हैं, जिनमें एक से ज्यादा मरीजों की मौत हो जाती है लेकिन इसके बाद भी स्वास्थ विभाग के अधिकारी इन मौतों के जिम्मेदार स्टाफ, कर्मचारी की लापरवाही पर पर्दा डाल कर उन्हें केवल चेतवानी देकर छोड़ देते हैं।
ओपीडी में मरीजों की भीड़
चरक अस्पताल में इन दिनों सर्दी, खाँसी के साथ साथ वायरल फीवर के मरीजों में इजाफा हुआ है। रोजाना लगभग 400 मरीज आ रहे हैं। इसमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है। डॉक्टर के मुताबिक अगस्त और सितंबर माह में बारिश के कारण बीमारियाँ बढ़ती हैं। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम को देखते हुए अपने खानपान का खास ध्यान रखें। साफ-सफाई बनाए रखें, बासी खाना खाने से बचें और पानी उबालकर पीएं। बुखार या कोई और लक्षण दिखने पर खुद से दवा न लें, बल्कि तुरंत अस्पताल में डॉक्टर से मिलें।
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