
उज्जैन। देवास रोड स्थित विक्रम उद्योगपुरी में प्रदेश का पहला अमूल प्लांट उत्पादन शुरू कर चुका है। प्लांट में अभी रोज करीब 2 लाख लीटर दूध की खपत हो रही है। खास बात यह है कि अमूल अब उज्जैन और आसपास के जिलों के किसानों से सीधे दूध खरीदकर उसका इस्तेमाल पैकेटबंद दूध के साथ पनीर, आइसक्रीम, घी और मक्खन बनाने में भी कर रहा है। कंपनी ने करीब 50 किलोमीटर के दायरे में 10 हजार किसानों को जोडऩे का लक्ष्य रखा है।
गांव-गांव खुलेंगे दूध संग्रहण केंद्र…
प्लांट प्रबंधन के अनुसार किसानों से दूध खरीदने के लिए कंपनी गांव-गांव दूध संग्रहण केंद्र बनाएगी। इसके लिए हर गांव का अलग मार्ग तय किया जाएगा। तय समय पर कंपनी की गाड़ी गांव पहुंचेगी और किसानों से दूध एकत्र कर प्लांट तक लाएगी। प्लांट में दूध पहुंचने के बाद आधुनिक प्रयोगशाला में उसकी गुणवत्ता की जांच होगी। जांच के बाद ही दूध को अलग-अलग पाइपलाइनों के माध्यम से संबंधित उत्पादन इकाइयों में भेजा जाएगा।
विस्तार के बाद 5 लाख लीटर दूध रोज खपेगा….
अभी प्लांट में करीब 2 लाख लीटर पैकेटबंद दूध प्रतिदिन तैयार किया जा रहा है। आगे विस्तार के बाद इसकी क्षमता बढ़ाकर 5 लाख लीटर प्रतिदिन करने की योजना है। इसके साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और करीब 2 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। कर्मचारियों के लिए प्लांट परिसर में आवासीय मल्टी का निर्माण भी किया जा रहा है। यानी उज्जैन में अमूल का प्लांट सिर्फ दूध की पैकिंग तक सीमित नहीं है। आसपास के गांवों के किसानों को दूध का बड़ा बाजार देने के साथ ही यह स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का नया केंद्र भी बन रहा है।
कमांड सेंटर से पूरे प्लांट की निगरानी…
अमूल प्लांट पूरी तरह आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है। पूरे उत्पादन की निगरानी परिसर में बने कमांड एंड कंट्रोल रूम से की जाती है। दूध की गुणवत्ता जांच के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशाला बनाई गई है। इससे दूध के प्लांट में पहुंचने से लेकर अलग-अलग उत्पाद तैयार होने तक पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखी जाती है।
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