
जयपुर । नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली (Leader of the Opposition Tikaram Jully) ने कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार (BJP Governments at the Centre and State) अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने का (To cover up their Failures) सियासी पाखंड कर रही हैं (Are engaging in Political Hypocrisy) ।
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि जब रोम जल रहा था, तब नीरो बंसुरी बजा रहा था। ठीक वही क्रूर और संवेदनहीन मंज़र आज भारत में देखने को मिल रहा है, जहाँ देश और प्रदेश का आम आदमी, गरीब, किसान और कमजोर वर्ग अत्यंत कठिन और विकट परिस्थितियों का सामना कर रहा है, और सत्ता में बैठी भाजपा जनता से पीएम मोदी के जन्मदिन पर दिए जलाने के लिए कहकर अपनी भीषण नाकामियों पर पर्दा डालने का सियासी पाखंड कर रही है।
जूली ने कहा कि देश में महंगाई सुरसा के मुंह की तरह लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आम आदमी के घर का रसोई बजट पूरी तरह छिन्न-भिन्न हो चुका है। खाद्य तेल, दाल, चावल और लहसुन जैसी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं, तो वहीं पेट्रोल-डीजल के बढ़े हुए दामों ने मध्यम वर्ग और किसानों की कमर तोड़ दी है। राजस्थान के कई हिस्सों में कम बारिश के कारण किसान गंभीर संकट में हैं और राहत की उम्मीद लगाए सरकार की तरफ देख रहे हैं, लेकिन सरकार की बेरुखी से उनकी उम्मीदें टूट रही हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की मौतें हुई हैं और पिपलोदी में स्कूल की छत गिरने से मासूम बच्चों की जान चली गई, जो सरकार की लापरवाही का प्रत्यक्ष प्रमाण है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली मनरेगा को कमजोर कर उसकी जगह लाई गई ‘वीबी जी राम जी’ योजना पूरी तरह विफल साबित हुई है, जिससे ग्रामीण भारत में रोजगार का गंभीर संकट पैदा हो गया है।
बेरोजगारी अपने चरम पर है, छोटे व्यापारी और दुकानदार बदहाल हैं, और सामाजिक स्तर पर दलित समाज के साथ शुद्धिकरण के नाम पर छुआछूत जैसी कुरीतियां खुलेआम हो रही हैं। देश के दूसरे हिस्सों में भी अराजकता का माहौल है, जहां मणिपुर में भड़की हिंसा में पिछले तीन दिनों में ही 6 निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है। जूली ने सवाल पूछते हुए कहा कि जब देश का आम नागरिक महंगाई से कराह रहा हो, किसान बूंद-बूंद पानी और राहत को तरस रहा हो, युवा रोजगार के लिए दर-दर भटक रहा हो और बदहाल व्यवस्था के कारण बेकसूरों की जानें जा रही हों, ऐसे संवेदनशील और विकट समय में भाजपा जनता को दीये जलाने का पाठ पढ़ाकर आखिर किस कड़वी सच्चाई को छिपाना चाहती है? भाजपा सरकार इवेंटबाज़ी छोड़कर धरातल पर आकर जनता को राहत प्रदान करे।
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