
नई दिल्ली ।चीन (China) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence), रोबोटिक्स (Robotics), उन्नत चिप्स और आधुनिक विनिर्माण को आर्थिक (Economic )और तकनीकी विकास (Technological Development) का प्रमुख आधार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार की ओर से एआई को उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, विज्ञान और सामाजिक क्षेत्रों (Social Sectors) में व्यापक रूप से इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है। चीन ने 2030 तक एआई टूल्स और एजेंट्स की पहुंच समाज के 90 प्रतिशत हिस्से तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तकनीकी विकास में रोबोटिक्स और उन्नत विनिर्माण की भूमिका पर जोर दिया है। बीजिंग के बाहरी क्षेत्र में विकसित किए जा रहे एक प्रौद्योगिकी पार्क के दौरे के दौरान उन्होंने रोबोटिक तकनीक का प्रदर्शन देखा। यहां सैकड़ों कंपनियां अत्याधुनिक चिप्स और एआई मॉडल विकसित करने में जुटी हैं। स्थानीय प्रशासन की ओर से इन कंपनियों को कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
शी जिनपिंग ने तकनीकी विकास को चीन की अगली आर्थिक प्रगति से जोड़ते हुए उन्नत रोबोटिक्स और उच्चस्तरीय विनिर्माण की क्षमता बढ़ाने की बात कही है। उनका जोर इस बात पर है कि चीन अपनी राष्ट्रीय क्षमता और उपलब्ध संसाधनों को महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों में केंद्रित करे, ताकि बड़े स्तर पर नए आविष्कार और औद्योगिक बदलाव किए जा सकें।
प्रौद्योगिकी पार्क में एआई और रोबोटिक्स के साथ कई अन्य आधुनिक तकनीकों से जुड़े आविष्कार भी प्रदर्शित किए गए। इनमें विशेष चिप्स और लकवाग्रस्त मरीजों को बोलने में मदद करने वाली ब्रेन-इम्प्लांट तकनीक जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। इन तकनीकों के जरिए स्वास्थ्य और औद्योगिक क्षेत्र में भविष्य के इस्तेमाल की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
चीन की तकनीकी रणनीति में सरकारी निवेश की भी बड़ी भूमिका है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2000 से 2023 के बीच सरकार के नेतृत्व वाले फंड्स ने एआई कंपनियों में 184 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया। इसके अलावा पिछले साल सरकार और सरकारी बैंकों की ओर से एआई क्षेत्र में सैकड़ों अरब डॉलर के अतिरिक्त निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई थी। हालांकि, चीन में निजी क्षेत्र का एआई निवेश अमेरिका की तुलना में कम बताया गया है।
बढ़ती बुजुर्ग आबादी के बीच रोबोटिक्स को चीन भविष्य की श्रम जरूरतों से भी जोड़कर देख रहा है। बुद्धिमान रोबोट ऐसे कार्यों में इस्तेमाल किए जाने की दिशा में विकसित किए जा रहे हैं, जहां आने वाले समय में कामगारों की उपलब्धता एक चुनौती बन सकती है। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी डिजिटल तकनीक और एआई के जरिए विशेषज्ञ सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
एआई के व्यापक इस्तेमाल के साथ इससे जुड़े जोखिम भी मौजूद हैं। उन्नत चैटबॉट और एआई प्रणालियां सूचना नियंत्रण से संबंधित चुनौतियां पैदा कर सकती हैं। इसके अलावा विदेशी तकनीकों और उन्नत एआई मॉडल के जरिए साइबर हमलों की क्षमता बढ़ने की आशंका भी जताई गई है। महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और तकनीकी प्रणालियों पर नियंत्रण चीन के सामने प्रमुख चुनौतियों में शामिल हैं।
इसके बावजूद चीन एआई, रोबोटिक्स, चिप्स और उन्नत विनिर्माण को अपनी दीर्घकालिक तकनीकी रणनीति का अहम हिस्सा बनाए हुए है। सरकार का लक्ष्य इन तकनीकों को केवल उद्योग तक सीमित रखने के बजाय स्वास्थ्य, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और समाज के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाना है। 2030 तक एआई तकनीक के व्यापक सामाजिक इस्तेमाल की योजना इसी दिशा में चीन की महत्वाकांक्षी तैयारी को दर्शाती है।
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