
लखनऊ। यूपी में बीजेपी को जीत की हैट्रिक लगाने से रोकने के लिए विपक्ष रोड मैप तैयार कर रहा है। अखिलेश रथयात्रा निकाल रहे हैं। कांग्रेस ज्यादा से ज्यादा सीटों पर लड़ने का टारगेट सेट कर आगे बढ़ रही है और इसी टारगेट के तहत सपा और कांग्रेस अब आमने-सामने हैं। चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में टिकट को लेकर तनातनी जारी है। कांग्रेस नेता जल्द सीट बंटवारे की मांग कर रहे हैं तो अखिलेश यादव ने राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में जाकर हुंकार भरी है और कांग्रेस के साथ सीट शेयरिंग का फॉर्मूला भी बता दिया है।
अखिलेश यादव ने साफ कहा कि चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन तो होगा लेकिन सीट बंटवारे का आधार जीत होगा। जो कैंडिडेट या पार्टी किसी सीट पर जीत हासिल कर सकती है, उस सीट पर उसका दावा होना चाहिए। दरअसल, बीते गुरुवार को अखिलेश यादव ने राहुल गांधी के गढ़ रायबरेली में PDA रथ यात्रा निकाली थी। कांग्रेस को रायबरेली में अखिलेश का शक्ति प्रदर्शन रास नहीं आया। अजय राय कह रहे हैं कि पूरा देश सिर्फ राहुल की तरफ देख रहा है।
उधर, सीट शेयरिंग और चुनाव प्रचार को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी में तल्खी बढ़ गई है। अखिलेश यादव पीडीए यात्रा निकाल रहे हैं, जिसपर कांग्रेस ने निशाना साधा है। कांग्रेस के यूपी अध्यक्ष अजय राय ने अखिलेश यादव की PDA रथ यात्रा पर तंज कसा है। अजय राय ने कहा है कि कांग्रेस भी अखिलेश के गढ़ कन्नौज, सैफई और इटावा में प्रचार करने जाएगी।
सपा के साथ गठबंधन में कांग्रेस मजबूत हिस्सेदारी की उम्मीद में है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस 2017 के सीट शेयरिंग के फॉर्मूले से सीटें चाहती है। कांग्रेस चाहती है कि गठबंधन में उसे 150 से ज्यादा सीट मिलें। वहीं, सपा ज्यादातर सीटों पर लड़ने की खुद तैयारी कर रही है। हालांकि, 2024 लोकसभा चुनाव में दोनों का मिलकर शानदार प्रदर्शन था। लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद अखिलेश यादव के हौसले बुलंद हैं। उन्हें विधानसभा चुनाव में भी लोकसभा चुनाव जैसे नतीजों की उम्मीद है। इसलिए वो कार्यकर्ताओं में लोकसभा चुनाव की याद दिलाकर जोश भरने की कोशिश कर रहे हैं।
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