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MP बीजेपी में बड़े बदलाव की आहट! नए सिरे से आकार लेगा कोर ग्रुप, परिवारवाद-गुटबाजी अब नहीं चलेगी

October 01, 2026

भोपाल। मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के भीतर चल रही सियासी हलचल के बीच संगठन को नए सिरे से गढ़ने और कसने की कवायद शुरू हो गई है। भोपाल में आयोजित एक बेहद अहम सांगठनिक बैठक के बाद भाजपा के प्रदेश प्रभारी बिप्लव कुमार देब ने बड़ा बयान देते हुए स्पष्ट किया कि बीजेपी संगठन में अब नए तरीके से नया ‘कोर ग्रुप’ गठित किया जाएगा। कोर ग्रुप को सुचारू और प्रभावी ढंग से चलाने के लिए इसका विस्तार किया जाएगा। प्रदेश प्रभारी बिप्लब देब, सह-प्रभारी रेखा वर्मा और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में हुई इस मैराथन बैठक ने राज्य के सियासी गलियारों में बड़ा राजनीतिक संदेश दे दिया है।

अनुशासनहीनता और मनमुटाव पर ‘जीरो टॉलरेंस’
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में वरिष्ठ नेताओं के तेवर बेहद सख्त नजर आए। बंद कमरे में हुई इस चर्चा के दौरान दिग्गज नेताओं का आपस में मनमुटाव, खींचतान और गुटबाजी पर पूरी तरह रोक लगाने की बात कही गई। वरिष्ठों ने दोटूक शब्दों में कहा कि संगठन में परिवारवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामले सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आने चाहिए। पार्टी में अनुशासनहीनता और नेताओं की सार्वजनिक स्तर पर नाराजगी दिखाने की आदत पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू की जाएगी।


  • संयमित भाषा का इस्तेमाल और विवादित बयानों से तौबा की सलाह
    नेताओं की अनियंत्रित बयानबाजी को लेकर भी बैठक में कड़े निर्देश जारी किए गए। नेताओं को नसीहत दी गई कि उनके बयान संयमित भाषा में होने चाहिए और किसी भी तरह के विवादित बयानों से बचना अनिवार्य है। अपनी ही व्यवस्था या नेताओं पर हमला बोलने के बजाय नेताओं को एकजुट होकर विपक्ष के आरोपों का आक्रामक और करारा जवाब देने को कहा गया है।

    कार्यकर्ताओं को तवज्जो देने का सख्त निर्देश
    बैठक का सबसे बड़ा पॉलिटिकल संदेश यह रहा कि ‘पार्टी और संगठन से बड़ा कोई नेता नहीं हो सकता।’ प्रभारियों ने साफ किया कि बीजेपी में छोटा और बड़ा नेता एक समान है। नेताओं को निर्देश दिया गया कि वे अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को परे रखकर कार्यकर्ताओं को पूरा सम्मान दें, क्योंकि संगठन और कार्यकर्ता ही पार्टी के असली आधार स्तंभ हैं।

    जमीनी स्तर पर कसावट की तैयारी
    आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए बैठक में ‘बूथ प्रबंधन’ को रीढ़ की हड्डी माना गया। संगठन ने तय किया है कि अब पूरा ध्यान बूथ स्तर को मजबूत करने पर केंद्रित किया जाएगा। इसके लिए बूथ स्तर पर लगातार सक्रियता बढ़ाने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि जमीनी स्तर पर कैडर को और अधिक मजबूत और अनुशासित बनाया जा सके।

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