
महिदपुर। वरिष्ठ समाजसेवी रामचंद्र मांडीवाल ने मृत्यु के उपरांत भी मानवता की सेवा का संदेश दिया। उन्होंने अपने जीवनकाल में ही नेत्रदान और देहदान का संकल्प लिया था। 85 वर्ष की आयु में रविवार को उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए नेत्रदान एवं देहदान की प्रक्रिया पूर्ण कराई।
नेत्रदान प्रेरक जवाहर डोसी, जैनेंद्र खेमसरा और अरुण बुरड़ की प्रेरणा से रामचंद्र मांडीवाल ने पूर्व में ही संकल्प पत्र भरकर अपनी देह और नेत्र चिकित्सा एवं मानव सेवा के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया था। निधन की सूचना मिलते ही बडऩगर स्थित गीता भवन से नेत्रदान अभियान से जुड़े चिकित्सक डॉ. जी.एल. ददरवाल अपनी टीम के पंकज मोरवाल और मोहनलाल राठौर के साथ महिदपुर पहुंचे और नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न कराई। संस्था के माध्यम से यह 1017 वां नेत्रदान रहा। जिससे दो नेत्रहीनों को दृष्टि मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ। मांडीवाल के निधन की सूचना मिलते ही प्रशासन ने नेत्रदान और देहदान की प्रक्रिया को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दिया। एसडीएम अजय हिंगे, तहसीलदार संतुष्टि पाल, नगर निरीक्षक अशोक पाटीदार, तहसीलदार मनोज शुक्ला सहित प्रशासनिक अमले ने तत्परता से व्यवस्थाएं सुनिश्चित की। इस अवसर पर उन्हें गार्ड आफ ऑनर दिया गया।
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