वाशिंगटन। अमेरिका और इजरायल (The United States and Israel) के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान महिलाओं को सैन्य प्रशिक्षण दे रहा है। तेहरान (Tehran) में हिजाब और बुर्का पहने महिलाओं (Burqa, women) को स्वचालित राइफल, पिस्टल और रॉकेट लॉन्चर चलाने का अभ्यास कराया जा रहा है। ईरान की इस पहल को संभावित युद्ध की स्थिति में जमीनी हमले से निपटने की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।
ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सैन्य गतिविधियां बढ़ने और दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे को चेतावनी दिए जाने के बीच तेहरान में महिलाओं की सैन्य ट्रेनिंग की तस्वीरें सामने आई हैं। राजधानी के इमाम हुसैन स्क्वायर में महिलाओं को हथियारों के साथ निशानेबाजी का अभ्यास करते देखा गया।
तेहरान के सैन्य प्रशिक्षण केंद्र में ईरानी महिलाओं को स्वचालित राइफल चलाने के साथ-साथ छोटी पिस्टल और रॉकेट लॉन्चर के इस्तेमाल का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाएं कमांडो प्रशिक्षकों के निर्देशों का पालन करती नजर आती हैं।
उन्हें बताया जा रहा है कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से जमीनी सैनिक ईरान में प्रवेश करते हैं तो ऐसी स्थिति में किस तरह मुकाबला किया जा सकता है। प्रशिक्षण का जोर केवल हथियार चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आपातकालीन परिस्थितियों में अपने परिवार और आसपास के इलाके की रक्षा के लिए तैयार करने पर भी है।
ईरानी महिला राहेलेह गदीरी ने कहा कि यह कहना कि किसी व्यक्ति को बिल्कुल डर नहीं लगता, सही नहीं होगा। लेकिन अगर लोग पहले से तैयार हों और उन्हें आपातकालीन या युद्ध जैसी परिस्थितियों में दुश्मन का सामना करने तथा अपने परिवार और मोहल्ले की रक्षा करने का तरीका पता हो, तो डर और घबराहट का असर कम किया जा सकता है।
गदीरी ने कहा कि वे व्यवस्था और अपने नेता के साथ खड़ी हैं और हर क्षेत्र में ईरान को फिर से गौरवान्वित करने के लिए प्रयास कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि अगर इस बार वास्तव में युद्ध होता है तो उनकी इच्छा है कि यह निर्णायक युद्ध साबित हो और दुश्मनों की हार हो। उन्होंने ईरान के गौरव को बनाए रखने की बात भी कही।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और बसीज रेजिस्टेंस फोर्स से जुड़े ढांचे के तहत महिलाओं को हथियारों की ट्रेनिंग दिए जाने की बात सामने आई है।
ईरानी सुरक्षा तंत्र की सोच यह है कि अगर किसी विदेशी सेना की ईरान में जमीनी घुसपैठ होती है तो स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित नागरिक बल प्रतिरोध में भूमिका निभा सकते हैं। इसी रणनीति के तहत महिलाओं को भी हथियार चलाने और संभावित गुरिल्ला संघर्ष के लिए तैयार किया जा रहा है।
ईरान में महिलाओं पर सामाजिक और कानूनी पाबंदियों को लेकर लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस होती रही है। ऐसे में सैन्य प्रशिक्षण में महिलाओं की भागीदारी की ये तस्वीरें ईरान की युद्धकालीन तैयारियों के एक अलग पहलू को सामने लाती हैं।
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