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उज्जैन। भैरवगढ़ सेंट्रल जेल में महिला कैदियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में चल रहा हैं। सरकार इस पर अब तक लगभग 3 करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर चुकी हैं। संभवत: अगले तीन से चार माह में इसकी सौगात महिला कैदियों को मिलेगी।
उल्लेखनीय हैं कि वर्तमान में भैरवगढ़ महिला जेल की क्षमता 40 कैदी की है, जबकि यहाँ जेल में 100 महिला कैदियों को रखा गया है। इसलिए महिला कैदियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक नया भवन बनाया जा रहा हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार ने लगभग 4 करोड़ रुपए कि राशि स्वीकृत की हैं। नए भवन के निर्माण के बाद करीब 40 महिला कैदियों को वहां शिफ्ट किया जाएगा। भवन में आधुनिक लेट-बाथ, मनोरंजन के संसाधन, पालना गृह, एक वर्क शॉप आदि सुविधाएं भी महिला कैदियों को मिलेगी। भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका हैं, केवल फिनिशिंग वर्क बाकी हैं। संभवत: दो से तीन माह के भीतर ये कार्य भी पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही महिला भैरवगढ़ जेल की क्षमता 40 से लगभग 100 हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि अभी भैरवगढ़ महिला जेल में सबसे बड़ी समस्या तो जगह की कमी की है। जेल में महिला कैदियों की तादाद क्षमता से ज्यादा है। महिला सुरक्षा कर्मचारियों की कमी है और इन महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सुविधाएँ भी नगण्य हैं। जेल में साफ-सफाई और स्नानघर जैसी सुविधाओं की भी कमी है। करीब 100 कैदियों के लिए पर्याप्त शौचालय व स्नानघर नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने उज्जैन सेंट्रल जेल में महिला कैदियों की स्थति में सुधार के लिए यह कदम उठाया है। खास बात यह हैं कि नए बैरक बनने से महिला कैदियों को रखने व उन पर नजर रखना आसान होगा।
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