
- कंट्रोल पर अब अन्य राशन सामग्री मिलेगी
- दुकानदारों की हड़ताल से राशन वितरण ठप
उज्जैन। कमीशन बढ़ाने समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर उचित मूल्य भंडार संघ की हड़ताल खत्म हो गई है। इसके बाद राशन दुकानों पर राशन लेने वालों की भीड़ हो गई, वहीं बायोमेट्रिक मशीन पर लोड अधिक होने के कारण सर्वर डाउन हो गया। इससे लोग परेशान होते रहे। इधर शासन ने कंट्रोल संचालकों को जनपोषण एवं बहुउद्देशीय भंडार संचालन की अनुमति दी है। इसके बाद कंट्रोल की दुकान पर अन्य अनाज और घरेलू सामग्री विक्रय की अनुमति रहेगी।
राशन दुकानों की हड़ताल के कारण राशन वितरण प्रभावित हुआ था। जिले की की 786 उचित मूल्य दुकानें बंद थी। गुरुवार को कंट्रोल दूकानें खुलने के बाद राशन के लिए लोग उमड़ पड़े। वर्क लोड अधिक होने से बायोमेट्रिक मशीन ठीक से नहीं चली। वहीं सर्वर डाऊन हो गया। उचित मूल्य दुकान संचालकों की हड़ताल के बाद भी शासन ने उनका कमीशन बढ़ाने का कोई आश्वासन अभी तक नहीं दिया है, वहीं पूर्व में दिए गए निर्णय के अनुसार कंट्रोल की दुकान को जन्म पोषण एवं बहुउद्देशीय भंडार के रूप में संचालित करने की अनुमति दी है। उचित मूल्य भंडार संघ के अध्यक्ष मनोज शर्मा ने बताया कि इसके बाद दुकान संचालक अपनी दुकानों पर चाय पत्ती, दाल, दलहन एवं अन्य किचन में उपयोग आने वाली सामग्री का विक्रय कर सकेंगे। उज्जैन में इसकी शुरूआत जल्द होगी। बता दें राशन विक्रेताओं का कहना है कि उन्हें वर्तमान में 90 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन मिलता है, जबकि पड़ोसी राज्यों में यह 200 से 250 रुपये है। कमीशन का भुगतान भी तीन-चार महीने की देरी से होने का आरोप है। बिहार, केरल, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में दुकानदारों को 200 रुपये या उससे अधिक कमीशन मिलता है।