
- वोटर लिस्ट में नाम जोडऩे का विशेष अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा
उज्जैन। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत मध्य प्रदेश में मतदाता सूची को सही और अपडेट करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) 31 अक्टूबर तक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट से बाहर हुए पात्र नागरिकों के नाम दोबारा जोडऩा और हटाई गई प्रविष्टियों का सत्यापन करना है।
पहले मतदाता सूची से हटाए गए नामों का पुन: सूक्ष्मता से निरीक्षण किया जा रहा है। इनमें कई ऐसे नाम हैं जो या तो दो जगह दर्ज थे या फिर संबंधित व्यक्तियों का निधन हो चुका है। वहीं ऐसे भी मतदाता हैं जो स्थायी रूप से कहीं और चले गए हैं या पते पर नहीं मिले थे। यदि वे वास्तव में स्थानीय निवासी हैं और मतदान करते हैं, तो उनके नाम सूची में फिर से जोड़े जाएंगे। 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नवयुवक अब बिना किसी डिक्लेरेशन के एडवांस में फॉर्म-6 भर सकते हैं। मजदूर बस्तियों, रैन बसेरों (नाइट शेल्टर) और बेघर नागरिकों का नाम मतदाता सूची में दर्ज करने के लिए अलग से विशेष कैंप लगाए जाएँगे। बीएलओ को हर सप्ताह 20 से 25 घरों तक पहुंचने का लक्ष्य दिया गया है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद तैयार अंतिम सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए के साथ साझा किया जाएगा, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता
बनी रहे।