img-fluid

तलाक के बाद पिता ने बेटी का किया यौन शोषण, अदालत ने सुनाई 20 साल की सश्रम कैद

October 10, 2026

पालघर। महाराष्ट्र के पालघर (Palghar, Maharashtra) जिले में सात वर्षीय बेटी का यौन शोषण (Sexual Exploitation) करने के मामले में अदालत ने उसके पिता को 20 साल की सश्रम कारावास (Rigorous imprisonment) की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। विशेष न्यायाधीश एएच काशिकर ने 5 अक्टूबर को यह फैसला सुनाया। फैसले की प्रति शुक्रवार को उपलब्ध कराई गई।

मामला वसई पश्चिम का है, जहां 3 नवंबर 2020 को एक आवासीय सोसायटी में रहने वाली सात वर्षीय बच्ची की मदद के लिए पड़ोसियों ने एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) से संपर्क किया था। बच्ची देर रात रो रही थी और चिल्ला रही थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस और एनजीओ की टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को बचाया। इसके बाद उसके पिता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाले पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

डेनमार्क में हुई थी शादी, बेटी को लेकर भारत लौटा आरोपी

अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी की मुलाकात डेनमार्क में एक महिला से हुई थी। दोनों ने शादी कर ली और वहीं उनकी बेटी का जन्म हुआ। बाद में पति-पत्नी ने अलग होने का फैसला किया। तलाक की प्रक्रिया के दौरान आरोपी भारत लौट आया, जबकि बच्ची अपनी मां के साथ डेनमार्क में रह रही थी। इसके बाद आरोपी ने बेटी की कस्टडी हासिल कर ली और उसे वसई ले आया।

रोज मारपीट करता था पिता, बच्ची को डराकर रखा

मामले की सुनवाई के दौरान विशेष सरकारी वकील जयप्रकाश पाटिल ने अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए। गवाहों के बयानों और अन्य साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।



  • अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी बच्ची को रोज पीटता था और उसे यह महसूस कराता था कि वह अच्छी बच्ची नहीं है तथा कोई उसे स्वीकार नहीं करेगा। इस व्यवहार के कारण बच्ची को लगने लगा था कि केवल उसका पिता ही उससे प्यार करता है। अदालत के अनुसार, संभव है कि बच्ची यह मानने लगी थी कि उसका पिता जो कुछ भी करता है, वह सही है।

    न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी ने पिता के रूप में बच्ची को मिले भरोसे का दुरुपयोग किया और लंबे समय तक उसका यौन शोषण किया।

    बच्ची के बयान और गवाहों की गवाही बनी अहम आधार

    अदालत ने यह भी गौर किया कि बच्ची ने स्पष्ट रूप से बताया था कि उसके पिता के अलावा किसी अन्य व्यक्ति ने उसके निजी अंगों को नहीं छुआ था। गवाहों ने भी बताया कि बच्ची आरोपी के साथ अकेले रहती थी। सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि बच्ची को अंग्रेजी और स्थानीय भाषाओं का ज्ञान नहीं था।

    अदालत ने गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का मूल्यांकन करने के बाद आरोपी को पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी माना। इसके बाद उसे 20 साल की सश्रम कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।

    Share:

  • नाना पाटेकर की आखिरी फिल्म को मिलेगा खास ट्रिब्यूट, अनीत पड्डा की ‘शक्ति शालिनी’ अब मार्च 2027 में हो सकती है रिलीज

    Sat Oct 10 , 2026
    नई दिल्ली । बॉलीवुड(Bollywood) की आगामी हॉरर-कॉमेडी फिल्म (Upcoming horror-comedy film)शक्ति शालिनी (Shakti Shalini)अपनी रिलीज डेट में बदलाव को लेकर चर्चा में है। अनीत पड्डा की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म को पहले क्रिसमस 2026 के मौके पर सिनेमाघरों में उतारने की तैयारी थी लेकिन अब इसकी रिलीज 2027 तक टल गई है। मीडिया रिपोर्ट्स […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved