
सिहोरा। कटनी जिले के एक विधायक ने सिहोरा के प्रसिद्ध मां ज्वालामुखी मंदिर में निर्माण कार्य के लिए क्या विकास राशि स्वीकृत की, सिहोरा से लेकर कटनी तक की राजनीति में मानो असली ज्वालामुखी ही फट पड़ा है। विधायक ने तो सोचा था कि माता रानी के दरबार में सरकारी खजाने का मुंह खोलकर सीधे वोट बैंक का आशीर्वाद मिल जाएगा, लेकिन विपक्ष से पहले उनकी अपनी ही पार्टी के अंदरूनी सूरमाओं के सीने में सियासी आग धधक उठी है।
यहाँ तो अपनों से ही महायुद्ध वाला सीन है!
राजनीतिक पंडितों का कहना है कि पार्टी के लिए आगे की राह इतनी आसान नहीं है। इन होर्डिंग्स के लगने के बाद विपक्षी पार्टी से दो-दो हाथ करने से पहले, बेचारी पार्टी को अपनों से ही सावधान रहना होगा।
नगर पालिका का दंगल
विपक्षी तो बाद में आएंगे, पहले नगर पालिका चुनाव के टिकट वितरण में अपनी ही पार्टी के भाइयों की अंदरूनी कलह और रूठे हुए नेताओं को मनाना होगा। यहाँ असली मुकाबला विपक्ष बनाम सरकार नहीं, बल्कि गुट नंबर ए बनाम गुट नंबर बी होने वाला है।
विधानसभा का महायुद्ध
नगर पालिका की खटपट से जैसे-तैसे बचकर निकले, तो विधानसभा चुनाव में अपनी ही पीठ पर अपनों के ही वार (भीतरघात) से बचना होगा।
चर्चा चौराहे की…
चाय की टपरियों पर लोग मजे लेकर कह रहे हैं कि विधायक जी ने मंदिर में निर्माण के लिए पैसे क्या दिए और होर्डिंग क्या लगवाई, पार्टी के अंदर ही टिकट के दावेदारों का ब्लड प्रेशर बढ़ गया है। अब देखना यह है कि मां ज्वालामुखी के आशीर्वाद और इस बड़ी सी होर्डिंग के सहारे विधायक जी अपनी पार्टी की इस अंदरूनी ज्वालामुखी को शांत कर पाते हैं, या फिर यह कलह पूरी पार्टी के चुनावी मंसूबों को स्वाहा कर देती है।
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