img-fluid

इंदौर: अपनी ही दुकान और दफ्तर के बाहर की पार्किंग का शुल्क देना पड़ेगा

October 14, 2026

  • उल्टे बांस बरेली… पालिका प्लाजा की बेसमेंट और सर्फेस पार्किंग ठेके पर देने पर अड़ा निगम
  • खुद के साथ स्वास्थ्य विभाग के भी दफ्तर संचालित, यातायात विभाग भी इससे असहमत

इंदौर। एक तरफ शहर यातायात जाम से निजात नहीं पा सका, तो दूसरी तरफ पार्किंग की भीषण समस्या है। नगर निगम ने जितनी भी बहुमंजिला पार्किंग इमारतें बनाईं, वे वषोंं से खाली पड़ी हैं और कई मर्तबा टेंडर जारी कर दिए, मगर कोई ठेकेदार संचालन के लिए तैयार नहीं है। दूसरी तरफ पार्किंग उपलब्ध करवाने की बजाय नगर निगम उल्टे बांस बरेली की तर्ज पर जो पार्किंग दुकान या दफ्तर वालों के साथ ग्राहकों को नि:शुल्क मिलना चाहिए, उससे भी कमाई करने पर अड़ा है। पालिका प्लाजा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां अपनी ही दुकान या दफ्तर में आने-जाने पर गाड़ी खड़ी करने का शुल्क चुकाना पड़ेगा।

यह एक सामान्य बुद्धि की बात है कि कोई व्यक्ति अगर किसी रहवासी इमारत में रहता है या व्यावसायिक इमारत में दुकान-दफ्तर, शोरूम चलाता है तो वहां पार्किंग की जगह उसे अपनी गाड़ी खड़ी करने के लिए नि:शुल्क ही उपलब्ध होती है। बिल्डर रजिस्ट्री के वक्त ही या तो नि:शुल्क अथवा अतिरिक्त राशि लेकर यह पार्किंग मुहैया कराता है। नगर निगम ने एमटीएच कम्पाउंड में सालों पहले पालिका प्लाजा फेज-1 और फेज-2 का निर्माण किया और ये दोनों बिल्डिंगें आमने-सामने ही मौजूद है, जहां पर खुद नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के दफ्तर और एक सरकारी लाइब्रेरी भी है।


  • इन दफ्तरों में निगम के अधिकारी भी आते-जाते हैं, जिनकी गाड़ी सडक़ पर ही खड़ी रहती है, क्योंकि उनके चालान पुलिस नहीं बनाती है। पालिका प्लाजा की दोनों बिल्डिंगों में बेसमेंट के साथ सर्फेस पर भी पार्किंग की सुविधा है, जो कायदे से वहीं दुकान और दफ्तर चलाने वालों के साथ-साथ ग्राहकों को भी नि:शुल्क मिलना चाहिए। मगर अभी पिछले दिनों निगम ने जिन 5 पार्किंग स्थलों को ठेके पर देने के ऑनलाइन टेंडर बुलाए उसमें योजना 54 रघुनाथ पेट्रोल पम्प के पास स्थित मल्टी स्टोरी पार्किंग बिल्डिंग के अलावा फॉर्च्यून लैंड पार्किंग होटल के पास स्थित पार्किंग और बजाजखाना के साथ-साथ पालिका प्लाजा फेज-1 और फेज-2 की बेसमेंट और सर्फेस पार्किंग को 5 साल के लिए ठेके पर देने के चौथी मर्तबा टेंडर बुलाए हैं, जबकि यहां के दुकानदार इसका लगातार विरोध करते रहे हैं और इस बारे में महापौर और आयुक्त को पत्र भी सौंपा है।

    इन व्यापारियों का कहना है कि क्या हमें अपनी दुकान और दफ्तर आने पर अपनी गाड़ी का पार्किंग शुल्क चुकाना पड़ेगा। इस बारे में यातायात विभाग के आला अधिकारी भी असहमत हैं। उनका कहना है कि यह सुविधा तो वहीं के दुकानदारों को नि:शुल्क ही मिलना चाहिए। रोजाना कौन व्यापारी इस तरह का पार्किंग शुल्क चुका सकता है। निगम सालों पहले अपने पार्किंग स्टैंड ठेके पर देता था, जहां पर अवैध वसूली और गुंडागर्दी की शिकायत मिलने के बाद ठेके बंद किए, तो नि:शुल्क पार्किंग उपलब्ध करवाई। हालांकि अभी भी नेतागिरी के चलते अवैध वसूली इन नि:शुल्क पार्किंग स्टैंडों पर जनता से होती है। निगम को ये सारे पार्किंग स्थल नि:शुल्क उपलब्ध कराना चाहिए, क्योंकि उसे वाहन पंजीयन के वक्त लिया जाने वाला पार्किंग शुल्क प्राप्त होता है।

    Share:

  • इंदौर को नहीं मिल सके नए अपर कलेक्टर तो प्राधिकरण में फिर से प्रमोटी आईएएस की पोस्टिंग

    Wed Oct 14 , 2026
    बिना एडीएम के ही दो महीने से चल रहा है इंदौर जिला तो प्राधिकरण में केरकेट्टा की पदस्थापना इंदौर। कल आधी रात को लगभग दो दर्जन आईएएस सहित अन्य अधिकारियों की तबादला सूची शासन ने जारी की, जिसने इंदौर निगम में पदस्थ रहे और भागीरथपुरा कांड के चलते हटाए गए रोहित सिसोनिया को कलेक्टर रायसेन […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved