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इंदौर: जर्जर सरकारी इमारतों में रहने वाले 1700 परिवारों को 10-10 मंजिला नई बिल्डिंगें बनाकर बसाएंगे

October 14, 2026

इन भवन में रहने वाले परिवारों को भेजेंगे किराए के मकान में, नैनोद, बांगड़दा, भूरी टेकरी में बनी बिल्डिंगें तोड़ेंगे

इंदौर। नगर निगम (Municipal council) द्वारा सरकारी इमारत (Government building) में रहने वाले 1700 परिवार (1,700 families) के व्यवस्थापन की योजना तैयार की गई है। इस योजना को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री (CM) डॉ मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav) से महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आग्रह किया है। तीन स्थानों पर जर्जर हो चुकी सरकारी इमारत के स्थान पर निजी क्षेत्र की सहभागिता से 10-10 मंजिला बिल्डिंग बनाई जाएंगी। इन भवन में रहने वाले परिवारों को किराए के मकान में भेजा जाएगा।

केंद्र सरकार की जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण योजना के अंतर्गत इंदौर में नैनोद, बांगड़दा और भूरी टेकरी में गरीबों के लिए बहुमंजिला इमारत बनाई गई थी। इस इमारत में अलग-अलग स्थान पर झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले नागरिकों को शिफ्ट किया गया था। इसके साथ ही सड़कों को चौड़ा करने में जो मकान बाधक बनते हैं, उन्हें तोड़ते हुए उनमें रहने वाले लोगों को भी इन भवनों में शिफ्ट किया गया था। यह भवन 2014-15 में बनकर तैयार हो गए थे। भवन के निर्माण में लापरवाही किए जाने के कारण यह भवन अच्छी गुणवत्ता के नहीं बन सके। ऐसी स्थिति में अब इंदौर नगर निगम द्वारा इन तीनों भवनों को तोड़कर उनके स्थान पर नए भवन का निर्माण करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।


  • एक जर्जर बिल्डिंग में 970 तो दूसरी में 800 परिवार
    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से कल इंदौर में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इन भवनों के मामले को लेकर चर्चा की। उन्होंने एक पत्र में भी मुख्यमंत्री को तोड़कर इन भवन को तोड़कर उनके स्थान पर नए भवन का निर्माण करने की अनुमति देने का आग्रह किया। इनमें से नैनोद और बांगड़दा के भवन में 970 परिवार निवास कर रहे हैं, जबकि भूरी टेकरी के भवन में 800 परिवार निवासरत हैं। इस तरह करीब 1700 परिवार का व्यवस्थापन करते हुए नए भवन बनाकर इन परिवारों को फिर से उस भवन में रहने के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।

    पीपीपी माडल पर निर्माण
    निगम द्वारा जो योजना तैयार की गई है, उसके अनुसार इन भवन के स्थान पर प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप से नए भवन का निर्माण कराया जाएगा। महापौर परिषद द्वारा भूरी टेकरी के वर्तमान भवन के स्थान पर पीपीपी मॉडल पर नया भवन बनाने का प्रस्ताव मंजूर कर राज्य सरकार को भेजा गया है। अभी इस प्रस्ताव पर राज्य सरकार की मंजूरी नहीं मिली है। नैनोद और छोटा बांगडदा के लिए इसी तरह का प्रस्ताव तैयार कर भेजा जाएगा।

    650 करोड़ का होगा खर्च
    उन्होंने बताया कि इन भवनों का निर्माण निजी क्षेत्र की सहभागिता से कराया जाएगा। अभी यहां पर ग्राउंड फ्लोर और उसके ऊपर तीन फ्लोर का भवन बना हुआ है। इसे तोड़ने के बाद निजी क्षेत्र के साथ मिलकर काम से कम 10 मंजिला इमारत का निर्माण किया जाएगा। इस इमारत में अभी वहां रहने वाले लोगों को फिर से नए फ्लैट तो दिए ही जाएंगे उसके साथ ही बाकी परिवारों को भी वहां पर बसाया जा सकेगा। निगम के द्वारा कराए गए असेसमेंट के अनुसार नैनोंद में नए भवन के निर्माण पर 400 करोड रुपए और भुरी टेकरी में 250 करोड रुपए खर्च होंगे। इन दोनों भवन में रहने वाले करीब 1700 परिवार को भवन बनने तक किराए के मकान में शिफ्ट किया जाएगा। इन लोगों को मकान का किराया सरकारी तौर पर दिए जाने का भी प्रस्ताव रखा गया है।

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