
मध्य प्रदेश: (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। छात्रों के ‘जय जोहार’ (Jai Johar) के नारे लगाने के दौरान पुलिस अधिकारी द्वारा कथित तौर पर गाली-गलौज (Abuse) किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। मामला सामने आने के बाद भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार (Sanjay Kumar) ने मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार को निलंबित (Suspended) कर दिया। वहीं, मध्य प्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Assembly) में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singhar) ने संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, आदिवासी छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर भोपाल में प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। आरोप है कि इस दौरान कुछ छात्रों को जबरन पुलिस वाहन में बैठाया गया। छात्र जब वाहन में बैठ रहे थे, तब वे ‘जय जोहार’ के नारे लगा रहे थे। इसी समय वाहन के बाहर मौजूद मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार पर छात्रों के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और गाली देने का आरोप लगा।
घटनाक्रम के दौरान किसी व्यक्ति ने वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया और वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे। मामला अधिकारियों तक पहुंचने के बाद संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की गई। हालांकि, आरोपों से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने मामले को सामने आने के बाद रतन सिंह परिहार को निलंबित कर दिया। पुलिस विभाग ने घटनाक्रम की जांच भी शुरू की है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि प्रदर्शन के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और वीडियो में दिखाई देने वाली घटना में संबंधित अधिकारी की क्या भूमिका थी। फिलहाल अधिकारी को निलंबित किए जाने की कार्रवाई की गई है। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
भोपाल पुलिस के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अनिल कुमार शर्मा ने भी कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें निरीक्षक रतन सिंह परिहार आदिवासी छात्रों के संबंध में टिप्पणी करते दिखाई दे रहे थे। वीडियो का संज्ञान लेने के बाद निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर घटनाक्रम और अधिकारी की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
इस घटना पर मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नाराजगी जताई है। उन्होंने आदिवासी छात्रों के साथ कथित अभद्र व्यवहार को गंभीर और निंदनीय बताते हुए संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। सिंघार का कहना है कि आदिवासी छात्रों का अपमान करने के आरोप में संबंधित अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने इस मामले को आदिवासी समाज के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया है।
सिंघार की मांग है कि कार्रवाई केवल निलंबन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की जानी चाहिए। इस तरह भोपाल में प्रदर्शन के दौरान कथित गाली-गलौज का मामला अब पुलिस विभाग की कार्रवाई और एफआईआर की मांग को लेकर चर्चा में है। फिलहाल थाना प्रभारी को निलंबित किया जा चुका है और जांच जारी है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।
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