
जबलपुर। पाटन के पौड़ी मार्ग पर रेत के कथित अवैध भंडारण का मामला अब सरकारी विभागों की कार्रवाई पर ही सवाल खड़े कर रहा है। एक तरफ राजस्व विभाग रेत के ढेरों पर कार्रवाई के लिए खनिज विभाग को पत्र लिख रहा है, दूसरी तरफ क्षेत्र में रात के समय डंपर, हाइवा और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से रेत की आवाजाही जारी रहने की जानकारी सामने आ रही है। सवाल यह है कि जब भारी मात्रा में रेत के भंडारण की सूचना अधिकारियों तक पहुंच चुकी है, तो मौके पर निर्णायक कार्रवाई आखिर क्यों नहीं हो रही?
रात में कारोबार, दिन में सन्नाटा?
स्थानीय स्तर पर आरोप हैं कि दिन के मुकाबले रात में रेत का परिवहन अधिक सक्रिय रहता है। डंपर, हाइवा और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए सप्लाई किए जाने की शिकायतें हैं। कुछ लोगों ने राजनीतिक संपर्कों और अधिकारियों की कथित मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में वाहनों की आवाजाही, परिवहन अनुमति, रॉयल्टी और भंडारण संबंधी दस्तावेजों की जांच से ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
रेत के ढेर, लेकिन कार्रवाई का अता-पता नहीं
एक दिन पहले नायब तहसीलदार रश्मि चौधरी के निरीक्षण में पौड़ी मार्ग पर रेत के बड़े-बड़े ढेर मिलने की बात सामने आई थी। रात में भारी वाहनों के जरिए रेत की सप्लाई किए जाने की जानकारी भी सामने आई। इसके बाद राजस्व विभाग ने खनिज विभाग को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए कहा, लेकिन उपलब्ध जानकारी के मुताबिक खनिज विभाग की जांच टीम मौके पर नहीं पहुंची। इससे विभागीय समन्वय और कार्रवाई की गति पर सवाल उठ रहे हैं।
पहले जब्ती, फिर रॉयल्टी, अब उससे कई गुना भंडार?
क्षेत्र में पहले भी शिकायतों के बाद खनिज विभाग द्वारा रेत के कुछ ढेर जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी। बताया जाता है कि बाद में जब्त रेत मंडला के एक रेत ठेकेदार को सौंप दी गई और इसके बदले रॉयल्टी ली गई। अब पहले की तुलना में कई गुना अधिक रेत जमा होने की बात कही जा रही है। ऐसे में पुराने जब्ती रिकॉर्ड, रॉयल्टी की मात्रा और वर्तमान भंडारण का मिलान कराना जरूरी है, ताकि स्पष्ट हो सके कि कौन-सी रेत वैध है और कहां अनियमितता की आशंका है।
एसडीएम ने मांगा पुरानी जब्ती का हिसाब
पाटन एसडीएम मानवेंद्र सिंह के अनुसार, खनिज विभाग को पत्र लिखकर पूर्व में किन स्थानों से रेत जब्त की गई थी, इसकी जानकारी मांगी गई है। साथ ही, शेष रेत के ढेरों को जब्त करने के लिए अमला भेजने को कहा गया है।
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