
धुले। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) को मिली विशेष जानकारी से पता चला कि महाराष्ट्र के धुले जिले के शिरपुर स्थित जमनियापानी गांव के पास एक वन्यजीव अभयारण्य के बड़े हिस्से में अवैध रूप से भांग (गांजा) की खेती की जा रही थी। इस जानकारी के आधार पर, DRI और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम 14.10.2026 को महाराष्ट्र के धुले जिले के शिरपुर स्थित जमनियापानी गांव के पास के वन्यजीव अभयारण्य पहुंची।
टीम ने अभयारण्य के एक दूरस्थ और घने जंगल वाले इलाके में पांच अलग-अलग जगहों पर हो रही अवैध भांग की खेती का पता लगाया, जो कुल 2.8665 हेक्टेयर (7.08 एकड़) क्षेत्र में फैली हुई थी। दुर्गम इलाके, जंगली जानवरों की मौजूदगी और मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण इस अभियान में काफी चुनौतियां आईं। अभियान के दौरान वहां एक भालू भी देखा गया। इन चुनौतियों के बावजूद, अधिकारियों ने पूरी सावधानी और सुरक्षा उपायों के साथ अपना काम जारी रखा और अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया। सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद, पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में रोटावेटर का इस्तेमाल करके भांग की फसल को नष्ट कर दिया गया। मामले की आगे की जांच जारी है। DRI भारत सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ 🇮🇳 के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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