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Jio का IPO आज से निवेशकों के लिए खुला…. 23% चढ़ा GMP, सोच-समझकर करें निवेश?

October 21, 2026

नई दिल्ली। भारत (India) में बड़े IPO में पैसा लगाने वाले निवेशकों (Investors) को हर बार लिस्टिंग के दिन शानदार मुनाफा नहीं मिला है। Hyundai Motor India, LIC और Paytm जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत करने के उदाहरण मौजूद हैं। अब निवेशकों की नजर मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की कंपनी Jio Platforms के IPO पर है। यह देश के सबसे बड़े IPO में शामिल होने जा रहा है। सवाल है कि क्या Jio शेयर बाजार में लिस्टिंग के दिन निवेशकों को अच्छा मुनाफा दिला पाएगा या बड़े IPO का पुराना ट्रेंड फिर देखने को मिलेगा? आइए इसको जरा विस्तार से समझते हैं।

Jio Platforms के IPO को लेकर बाजार में उत्साह है। एंकर निवेशकों की मजबूत मांग और ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में तेजी ने उम्मीदें बढ़ाई हैं। मंगलवार को उपलब्ध बाजार अनुमानों के मुताबिक, Jio IPO का GMP बढ़कर ₹260 पहुंच गया था। ₹1,119 के ऊपरी प्राइस बैंड के मुकाबले यह करीब 23% संभावित लिस्टिंग प्रीमियम का संकेत देता है। हालांकि, GMP अनौपचारिक बाजार का संकेत है और इससे शेयर की लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती।


  • बड़े IPO में क्यों नहीं मिला बंपर लिस्टिंग गेन?
    भारत के प्राइमरी मार्केट में कई बड़े IPO आए, लेकिन उनमें से सभी ने लिस्टिंग के दिन निवेशकों को शानदार रिटर्न नहीं दिया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ₹10,000 करोड़ से ज्यादा साइज वाले 13 IPO में से 8 ने अपेक्षाकृत कमजोर या सीमित प्रीमियम पर शुरुआत की। हाल ही में लिस्ट हुए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के शेयर भी इश्यू प्राइस से केवल 0.84% प्रीमियम पर लिस्ट हुए।

    इससे साफ होता है कि किसी कंपनी का बड़ा नाम, लोकप्रिय ब्रांड या IPO का बड़ा साइज अपने आप बेहतर लिस्टिंग की गारंटी नहीं देता। शेयर की कीमत किस स्तर पर तय हुई है और लिस्टिंग के समय बाजार का माहौल कैसा है, ये बातें भी अहम होती हैं।

    बड़े IPO की पिछली लिस्टिंग पर नजर डालें, तो निवेशकों के सामने कई उदाहरण हैं।

    Hyundai Motor India: अक्टूबर 2024 में कंपनी का 27,858 करोड़ का IPO आया था। इसके शेयर 1,960 के इश्यू प्राइस के मुकाबले 1,934 पर लिस्ट हुए, यानी निवेशकों को लिस्टिंग के दिन करीब 1.3% का नुकसान हुआ।

    LIC: देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी का IPO मई 2022 में आया था। इसके शेयर 949 के इश्यू प्राइस के मुकाबले 867.20 पर लिस्ट हुए थे। इस तरह शेयर ने करीब 8.62% डिस्काउंट पर बाजार में शुरुआत की।

    Paytm: One 97 Communications के 18,300 करोड़ के IPO के शेयर नवंबर 2021 में 2,150 के इश्यू प्राइस के मुकाबले 1,950 पर लिस्ट हुए थे। निवेशकों को पहले ही दिन करीब 9.3% का नुकसान हुआ।

    LG Electronics India: यह बड़े IPO के बीच एक अलग उदाहरण रहा। कंपनी के शेयर इश्यू प्राइस से करीब 50% प्रीमियम पर लिस्टेड हुए थे। इन उदाहरणों से पता चलता है कि बड़े IPO में लिस्टिंग गेन कंपनी की पहचान या इश्यू के साइज से तय नहीं होता। निवेशकों की मांग के साथ-साथ वैल्यूएशन और बाजार की परिस्थितियां भी अहम भूमिका निभाती हैं।

    Jio IPO से बाजार को इतनी उम्मीद क्यों?
    Jio Platforms का IPO इसलिए खास माना जा रहा है, क्योंकि यह रिलायंस ग्रुप की करीब दो दशक बाद आने वाला पहला पब्लिक ऑफरिंग है। साथ ही ग्रुप के उपभोक्ताओं से सीधे जुड़े कारोबारों में से यह एक प्रमुख कंपनी है, जो शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रही है। कंपनी टेलीकॉम और डिजिटल सर्विस के सेक्टर में मजबूत उपस्थिति रखती है। इसका बड़ा ग्राहक आधार, 5G नेटवर्क का विस्तार और डिजिटल कारोबार में बढ़ती संभावनाएं निवेशकों के आकर्षण की वजह हैं।

    IPO से पहले एंकर निवेशकों ने भी मजबूत दिलचस्पी दिखाई। कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों को करीब ₹8,109.85 करोड़ के शेयर आवंटित किए। रिपोर्ट के मुताबिक, एंकर बुक में उपलब्ध शेयरों के मुकाबले संस्थागत निवेशकों की मांग ₹2.5 लाख करोड़ से अधिक थी।

    इन निवेशकों में BlackRock, Fidelity Investments, सिंगापुर का सरकारी निवेश फंड, Abu Dhabi Investment Authority, Schroders, JPMorgan Asset Management, Franklin Templeton और Invesco जैसी बड़ी संस्थाएं शामिल थीं। हालांकि, एंकर निवेशकों की भागीदारी को पॉजिटिव संकेत माना जा सकता है, लेकिन इससे आम निवेशकों के लिए मुनाफे की गारंटी नहीं बनती।

    क्या मिलेगा 23% लिस्टिंग गेन?
    Jio Platforms IPO के लिए मंगलवार को उपलब्ध बाजार अनुमानों में ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹260 बताया गया था। कंपनी का ऊपरी प्राइस बैंड ₹1,119 प्रति शेयर है। इस हिसाब से संकेतात्मक लिस्टिंग भाव ₹1,379 हो सकता है। इस कैलकुलेशन के मुताबिक, शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत इश्यू प्राइस से करीब 23.2% ऊपर बैठती है। लेकिन निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि यह केवल GMP पर आधारित अनुमान है, वास्तविक लिस्टिंग भाव नहीं।

    ग्रे मार्केट में प्रीमियम IPO खुलने से पहले और सब्सक्रिप्शन के दौरान बदल सकता है। बाजार की धारणा कमजोर होने या शेयर की मांग घटने पर संभावित प्रीमियम कम हो सकता है। इसी तरह मजबूत मांग बनी रहने पर यह बढ़ भी सकता है।

    क्या Jio बड़े IPO का ट्रेंड बदल पाएगा?
    Jio Platforms के सामने मजबूत ब्रांड, बड़ा ग्राहक आधार और संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी जैसे सकारात्मक पहलू हैं। दूसरी ओर बड़े IPO के पिछले अनुभव बताते हैं कि निवेशकों का उत्साह हमेशा लिस्टिंग के दिन मुनाफे में नहीं बदलता। किसी भी IPO में निवेश करने से पहले कंपनी की कमाई, भविष्य की विकास योजनाओं, वैल्यूएशन और कारोबार से जुड़े जोखिमों का आकलन करना जरूरी है। केवल GMP देखकर आवेदन करना जोखिम भरा हो सकता है, खासकर उन निवेशकों के लिए जो लिस्टिंग के दिन ही शेयर बेचकर मुनाफा कमाना चाहते हैं।

    Jio Platforms का IPO बड़े इश्यू में कमजोर लिस्टिंग के पुराने ट्रेंड को बदल सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद ही होगी। मजबूत एंकर मांग और ऊंचा GMP उम्मीद जरूर बढ़ाते हैं, मगर निवेशकों को संभावित मुनाफे के साथ नुकसान की आशंका भी ध्यान में रखनी चाहिए।

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