वाराणसी/आगरा। उत्तर प्रदेश में शिक्षक एमएलसी चुनाव के नतीजों में समाजवादी पार्टी (SP) के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के लाल बिहारी यादव (Lal Bihari Yadav) ने भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद मिश्रा (Dr. Pramod Mishra) को करीब 5,000 वोटों के अंतर से हराया। वहीं, आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने जीत हासिल की। वाराणसी में लाल बिहारी यादव ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। चुनाव परिणामों के बाद सपा खेमे में उत्साह है, जबकि वाराणसी में भाजपा को एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा।
वाराणसी खंड शिक्षक एमएलसी सीट पर जीत के बाद लाल बिहारी यादव ने कहा कि यह परिणाम भाजपा की नीतियों के प्रति शिक्षकों के असंतोष को दर्शाता है। उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं को समझा और उनके समाधान की घोषणा की।
लाल बिहारी यादव ने चुनाव परिणाम को भाजपा के उस दावे के लिए संदेश बताया, जिसमें पार्टी प्रबुद्ध वर्ग को अपना समर्थक मानती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की नीतियों से विभिन्न वर्गों के शिक्षक नाराज हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद वित्तविहीन शिक्षकों का मानदेय बंद कर दिया गया। उनके मुताबिक, मदरसों में कार्यरत आधुनिक शिक्षकों को केंद्र और राज्य सरकारों से मिलने वाला मानदेय भी बंद कर दिया गया।
सपा नेता ने पुरानी पेंशन व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में इसे बंद किया गया था और मौजूदा सरकार के पास इसे बहाल करने का अवसर था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
उन्होंने सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों की सेवा नियमावली और संस्कृत विद्यालयों को अनुदान देने के मुद्दे पर भी सरकार की आलोचना की। लाल बिहारी यादव ने दावा किया कि इन नीतियों के कारण विभिन्न संवर्गों के शिक्षकों में नाराजगी है।
आगरा खंड शिक्षक एमएलसी सीट पर सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने जीत हासिल की। मतगणना के दूसरे राउंड के अंतिम चरण में हुए हंगामे और कथित मारपीट को लेकर उन्होंने भाजपा प्रत्याशी पर गंभीर आरोप लगाए थे।
आकाश अग्रवाल का कहना था कि विवाद की शुरुआत भाजपा प्रत्याशी की ओर से हुई। उन्होंने मतगणना कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सामने लाने की मांग करते हुए कहा कि इससे पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
उन्होंने कहा कि फुटेज से पता चल सकेगा कि विवाद किसने शुरू किया और किस पर जानलेवा हमला हुआ। हालांकि, ये आरोप सपा प्रत्याशी की ओर से लगाए गए हैं।
डॉ. आकाश अग्रवाल ने पिछले चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भी उनकी जीत के बाद तत्कालीन भाजपा प्रत्याशी ने मंडलायुक्त पर खरीद लिए जाने का आरोप लगाया था।
दोनों शिक्षक एमएलसी सीटों पर सपा प्रत्याशियों की जीत के बाद पार्टी ने इसे शिक्षकों के समर्थन के रूप में देखा है। वहीं, वाराणसी और आगरा के चुनाव परिणामों के साथ मतगणना के दौरान हुए विवाद और शिक्षकों से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में आ गए हैं।
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